वर्ण-विचार(varn-vichar)

वर्ण विचार (Phonology)

व्याकरण के चार मुख्य अंगों में से प्रथम और सबसे बुनियादी अंग ‘वर्ण विचार’ (Phonology) है।

1. वर्ण विचार की परिभाषा (Definition)

  • परिभाषा : “व्याकरण का वह विभाग जिसमें वर्णों (ध्वनियों), उनके उच्चारण, वर्गीकरण, संयोग (मेल) और संधि के नियमों का विस्तार से अध्ययन किया जाता है, उसे वर्ण विचार कहते हैं।”

  • वर्ण (Letter) क्या है?

    भाषा की वह सबसे छोटी से छोटी मूल ध्वनि, जिसके और अधिक टुकड़े (खंड) न किए जा सकें, उसे वर्ण कहते हैं। (जैसे : अ, आ, क, ख, ग आदि)

2. वर्ण के मुख्य भेद (Types of Letters)

हिंदी भाषा की देवनागरी लिपि में वर्णों को मुख्य रूप से दो भेदों में बाँटा गया है :

                  वर्ण (Letters)
                     │
       ┌─────────────┴─────────────┐
       ▼                           ▼
1. स्वर (Vowels)           2. व्यंजन (Consonants)

(i) स्वर (Vowels)

  • परिभाषा : जिन वर्णों का उच्चारण बिना किसी अन्य वर्ण की सहायता के स्वतंत्र रूप से होता है, उन्हें ‘स्वर’ कहते हैं।

  • संख्या : हिंदी में स्वरों की कुल संख्या 11 है — (अ, आ, इ, ई, उ, ऊ, ऋ, ए, ऐ, ओ, औ)।

  • स्वर के भेद (उच्चारण समय या मात्रा के आधार पर) :

क्र. भेद परिभाषा संख्या व वर्ण
1. ह्रस्व स्वर (Short Vowels) जिनके उच्चारण में सबसे कम (एक मात्रा का) समय लगता है।

संख्या – 4

 

(अ, इ, उ, ऋ)

2. दीर्घ स्वर (Long Vowels) जिनके उच्चारण में ह्रस्व स्वर से दोगुना (दो मात्रा का) समय लगता है।

संख्या – 7

 

(आ, ई, ऊ, ए, ऐ, ओ, औ)

3. प्लुत स्वर (Prolonged Vowels) जिनके उच्चारण में तीन गुना समय लगता है। (जैसे : ॐ, हे राम!)
  • विशेष (अयोगवाह) : ‘अं’ (अनुस्वार) और ‘अः’ (विसर्ग) न तो पूर्ण स्वर हैं और न ही व्यंजन, इन्हें अयोगवाह कहा जाता है।

(ii) व्यंजन (Consonants)

  • परिभाषा : जिन वर्णों का उच्चारण स्वरों की सहायता के बिना नहीं हो सकता, उन्हें ‘व्यंजन’ कहते हैं।

  • संख्या : मूल व्यंजनों की संख्या 33 है।

  • व्यंजन के मुख्य भेद :

क्र. भेद विवरण / वर्ण
1 स्पर्श व्यंजन (25) ‘क’ से लेकर ‘म’ तक (5 वर्गों में विभाजित: क-वर्ग, च-वर्ग, ट-वर्ग, त-वर्ग, प-वर्ग)।
2 अंतःस्थ व्यंजन (4) य, र, ल, व
3 ऊष्म व्यंजन (4) श, ष, स, ह
  • अन्य भेद (संबंधित वर्ण) :

    • संयुक्त व्यंजन (4) : क्ष (क+ष), त्र (त+र), ज्ञ (ज+ञ), श्र (श+र)

    • द्विगुण / उत्क्षिप्त व्यंजन (2) : ड़, ढ़

3. वर्ण विचार के अन्य आधार (अतिरिक्त भेद)

आधार भेद विवरण
प्राणत्व (हवा की मात्रा) के आधार पर 1. अल्पप्राण उच्चारण में कम हवा निकले (वर्ग का 1, 3, 5 वां वर्ण + अंतःस्थ)।
2. महाप्राण उच्चारण में अधिक हवा/हकार निकले (वर्ग का 2, 4 वां वर्ण + ऊष्म)।
घोषत्व (कंपन) के आधार पर 1. अघोष स्वर तंत्रियों में कंपन न हो (वर्ग का 1, 2 वां वर्ण + श, ष, स)।
2. सघोष (घोष) स्वर तंत्रियों में कंपन हो (सभी स्वर + वर्ग का 3, 4, 5 वां वर्ण + य, र, ल, व, ह)।

संक्षेप में याद रखने की ट्रिक

  • वर्ण : भाषा की सबसे छोटी इकाई (अविभाज्य ध्वनि)।

  • स्वर : स्वतंत्र ध्वनि (11)।

  • व्यंजन : स्वर पर निर्भर ध्वनि (33)।

  • वर्णमाला : वर्णों का व्यवस्थित और क्रमबद्ध समूह (कुल 52 वर्ण)।

स्रोत/ब्रांडिंग क्रेडिट : www.hindibestnotes.com

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