काले मेघा पानी दे : विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षा नोट्स यहाँ धर्मवीर भारती द्वारा रचित संस्मरण ‘काले मेघा पानी दे’ (कक्षा 12वीं, आरोह भाग-2) के विस्तृत, विश्लेषणात्मक एवं परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए गए हैं। 1.सामान्य परिचय एवं संदर्भ लेखक: डॉ. धर्मवीर भारती विधा: संस्मरण (आत्मकथात्मक संस्मरण) प्रमुख पात्र: लेखक (किशोर आयु में), जीजी (लेखक की माँ की उम्र की स्नेही ...
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पहलवान की ढोलक प्रसिद्ध आंचलिक कहानी(pahalwaan ki dholak prasiddh aanchalik kahani)
पहलवान की ढोलक : विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षा नोट्स यहाँ फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ द्वारा रचित प्रसिद्ध आंचलिक कहानी ‘पहलवान की ढोलक’ (कक्षा 12वीं, NCERT आरोह भाग-2 एवं विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु) के विस्तृत और परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए गए हैं। 1.सामान्य परिचय एवं संदर्भ लेखक: फणीश्वरनाथ ‘रेणु’ (हिन्दी के मूर्धन्य आंचलिक कथाकार) विधा: आंचलिक कहानी मुख्य पात्र: लुट्टन सिंह (पहलवान), चाँद सिंह ...
Read More »शिरीष के फूल (निबंध विश्लेषण व परीक्षा-उपयोगी नोट्स)
शिरीष के फूल (निबंध विश्लेषण व परीक्षा-उपयोगी नोट्स) ‘शिरीष के फूल’ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित एक प्रतिनिधि ललित निबंध (Personal/Cultural Essay) है, जो उनके प्रसिद्ध निबंध-संग्रह ‘कल्पलता’ (1951 ई.) में संकलित है। यह निबंध कक्षा 12वीं (NCERT आरोह भाग-2) सहित विभिन्न शिक्षक भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, UGC NET, UP TGT/PGT) के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है। 1. ...
Read More »आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख निबंध(acharya hajari prasad mandal ke pramukh nibandh)
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के प्रमुख निबंध आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हिन्दी में ललित निबंध (Personal/Belles-lettres Essay) परंपरा के प्रवर्तक और शीर्षस्थ निबंधकार हैं। उनके निबंधों में गंभीर पांडित्य, सांस्कृतिक इतिहास-बोध, लोक-चेतना और सहज विनोदप्रियता का अपूर्व संगम दिखाई देता है। 1. निबंध-संग्रहों का संक्षिप्त विवरण निबंध संग्रह प्रकाशन वर्ष निबंधों की संख्या मुख्य विशेषताएं / प्रमुख निबंध अशोक के ...
Read More »आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यास(acharya hajari prasad dwivedi ke upanyas)
आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यास आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हिन्दी के शीर्षस्थ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक उपन्यासकार हैं। उन्होंने इतिहास और कल्पना के अद्भुत समन्वय द्वारा प्राचीन भारतीय संस्कृति, दर्शन, नारी-गरिमा और लोकजीवन को अपने उपन्यासों में जीवंत किया है। संक्षिप्त तुलनात्मक तालिका उपन्यास प्रकाशन वर्ष ऐतिहासिक पृष्ठभूमि / आधार मुख्य विषय / केन्द्रीय दर्शन प्रमुख पात्र बाणभट्ट की आत्मकथा 1946 ई. ...
Read More »अलंकारों के मुख्य भेद(alankaron ke mukhya bhed)
अलंकारों के मुख्य भेद हिंदी साहित्य में अलंकारों के मुख्य रूप से तीन भेद होते हैं: शब्दालंकार अर्थालंकार उभयालंकार 1. शब्दालंकार के अंतर्गत आने वाले अलंकार: अनुप्रास अलंकार यमक अलंकार श्लेष अलंकार वक्रोक्ति अलंकार 2. अर्थालंकार के अंतर्गत आने वाले अलंकार: अतिशयोक्ति अलंकार भ्रांतिमान अलंकार संदेह अलंकार विभावना अलंकार विरोधाभास अलंकार याद रखने की ट्रिक (अर्थालंकार के लिए):“बढ़ा-चढ़ाकर (अतिशयोक्ति), भ्रम ...
Read More »परमाल रासो (आल्हा खण्ड) का परिचय[paramal raso (aalha khand) ka parichay]-II
परमाल रासो (आल्हा खण्ड) का परिचय-II ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (महोबा का युद्ध – 1182 ई.) यह संपूर्ण काव्य-प्रसंग चंदेल शासक परमर्दिदेव (परमाल) के काल और दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान के मध्य हुए ऐतिहासिक महोबा युद्ध (सिरसागढ़ एवं महोबा का घेरा) से जुड़ा है। आल्हा और ऊदल का निष्कासन: राजा परमाल ने माहिल (रानी मल्हना के भाई) के षड्यंत्र में आकर ...
Read More »पंडित बालकृष्ण भट्ट का जीवन परिचय(pandit balkrishna bhatt ka jeevan parichay)
पंडित बालकृष्ण भट्ट का जीवन परिचय 1. परिचय पं. बालकृष्ण भट्ट भारतेन्दु मंडल के प्रमुख साहित्यकारों में माने जाते हैं। वे निबंधकार, पत्रकार, आलोचक, उपन्यासकार तथा नाटककार थे। हिन्दी गद्य के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। ‘हिन्दी प्रदीप’ के संपादन के माध्यम से उन्होंने साहित्य तथा राष्ट्रीय चेतना को व्यापक रूप से प्रभावित किया। भारतेन्दु युग के सर्वोत्कृष्ट निबंधकारों ...
Read More »रामदरश मिश्र का जीवन परिचय(ramdarash mishr ka jeevan parichay)
रामदरश मिश्र का जीवन परिचय 1. जीवन परिचय जन्म: 15 अगस्त 1924 (श्रावण पूर्णिमा), ग्राम– बड़े डुमरी (गोरखपुर से 20 मील दूर), उत्तर प्रदेश। माता-पिता: पिता– रामचंद्र मिश्र, माता– कवलपाती। परिवार: तीन भाइयों में सबसे छोटे (बड़े भाई: रामअवध मिश्र व रामनवध मिश्र)। छोटी बहन: कमला। प्रथम विवाह: 1940 में (1947 में पहली पत्नी का ...
Read More »ज्ञापन (Memorandum / Memo) – नियम एवं प्रारूप(karyalay gyapan tatha samanya gyapan mein antar)
ज्ञापन (Memorandum / Memo) – नियम एवं प्रारूप प्रशासनिक पत्राचार में ‘ज्ञापन’ (Memorandum / Memo) का प्रयोग एक विभाग से दूसरे विभाग को सूचना देने, अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देशित करने अथवा पूर्व में भेजे गए पत्र की याद दिलाने हेतु किया जाता है। 1. संरचना और प्रारूप (Structure & Format) कार्यालय का नाम व पता : पृष्ठ के सबसे ऊपर ...
Read More »कार्यालय ज्ञापन (O.M.) तथा सामान्य ज्ञापन में अंतर(karyalay gyapan atha samanya gyapan mein antar)
कार्यालय ज्ञापन (O.M.) तथा सामान्य ज्ञापन में अंतर प्रशासनिक पत्राचार में ‘कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum)’ और ‘सामान्य ज्ञापन (Memorandum / Memo)’ दोनों ही ज्ञापन श्रेणी के प्रारूप हैं, किन्तु इनके प्रयोग क्षेत्र, उद्देश्य और प्रेषिती (पाने वाले) में स्पष्ट अंतर होता है। 1. प्रेषण क्षेत्र और अंतर-विभागीय संबंध (Scope & Relation) कार्यालय ज्ञापन : इसका प्रयोग मुख्य रूप से अंतर-मंत्रालयी ...
Read More »अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum) के प्रारूपों में मुख्य अंतर
अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum) के प्रारूपों में मुख्य अंतर अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum / Memo) दोनों ही प्रशासनिक पत्राचार के अति महत्वपूर्ण प्रारूप हैं। यद्यपि दोनों में ही ‘महोदय’ और ‘भवदीय’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं होता तथा दोनों ही ‘अन्य पुरुष’ शैली में लिखे जाते हैं, लेकिन इनके प्रारूप (Format) में कई बुनियादी अंतर होते हैं। ★ ...
Read More »अधिसूचना (Notification) और परिपत्र (Circular) में प्रमुख अंतर
अधिसूचना (Notification) और परिपत्र (Circular) दोनों ही प्रशासनिक पत्राचार के अति महत्वपूर्ण प्रारूप हैं। यद्यपि दोनों का उद्देश्य व्यापक स्तर पर सूचना प्रेषित करना होता हैं, किंतु इनके वैधानिक महत्व, जारी करने के उद्देश्य, प्रेषण क्षेत्र और प्रारूप में मूलभूत अंतर होता है। ★ दोनों के बीच के प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं: 1. वैधानिक स्थिति और राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन ...
Read More »अधिसूचना (Notification)
अधिसूचना (Notification) अधिसूचना (Notification) शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोपरि वैधानिक (Legal) दस्तावेज है। इसका प्रयोग राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आम जनता, मातहत विभागों और न्यायालयों को किसी कानून, अधिकार या नीतिगत निर्णय की आधिकारिक जानकारी देने के लिए किया जाता है। 1. अधिसूचना का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: “अधिसूचना” शब्द दो ...
Read More »अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter)
अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter) अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter) प्रशासनिक पत्राचार का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण प्रारूप है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब दो सरकारी अधिकारियों के बीच किसी प्रशासनिक कार्य को शीघ्रता से निपटाने या व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता होती है। 1. शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: “अर्ध-सरकारी” का ...
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