रामदरश मिश्र का जीवन परिचय(ramdarash mishr ka jeevan parichay)

           रामदरश मिश्र का जीवन परिचय

1. जीवन परिचय

  • जन्म: 15 अगस्त 1924 (श्रावण पूर्णिमा), ग्राम– बड़े डुमरी (गोरखपुर से 20 मील दूर), उत्तर प्रदेश
  • माता-पिता: पिता– रामचंद्र मिश्र, माता– कवलपाती
  • परिवार:
    • तीन भाइयों में सबसे छोटे (बड़े भाई: रामअवध मिश्र व रामनवध मिश्र)
    • छोटी बहन: कमला
    • प्रथम विवाह: 1940 में (1947 में पहली पत्नी का निधन)
    • दूसरा विवाह: 5 जुलाई 1948 को सरस्वती जी के साथ
    • संतान: पुत्र– हेमंत (1953) व विवेक (17 जनवरी 1963); पुत्रियाँ– अंजली (1955) व स्मिता (1965)
  • शिक्षा:
    • प्राथमिक एवं मिडिल शिक्षा: विशुनपुरा स्कूल (1938 में हिंदी माध्यम, 1939 में उर्दू माध्यम से मिडिल उत्तीर्ण)
    • विशारद एवं साहित्य रत्न: 1942
    • मैट्रिक: 1946 (कैम्ब्रिज अकादमी, बनारस)
    • इंटर (1948), स्नातक (1950), स्नातकोत्तर/M.A. (1952) — काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU)
    • पी-एच.डी. (1957, BHU): शोध विषय – ‘हिंदी आलोचना की प्रवृत्तियाँ और उनकी आधार भूमि’

2. अध्यापन कार्य

  • 1959: एस. बी. गार्डा कॉलेज, नवसारी (गुजरात) में एक वर्ष अध्यापन
  • 1964: पी.जी.डी.ए.वी. कॉलेज, दिल्ली में 5 वर्ष तक अध्यापन
  • 1969: दिल्ली विश्वविद्यालय में प्रवक्ता नियुक्त
  • 1971: रीडर पद पर प्रोन्नति
  • 1983: प्रोफेसर पद पर पदोन्नति
  • 31 जनवरी 1990: प्रोफेसर पद से सेवानिवृत्त

3. प्रमुख रचना संसार

विधा प्रमुख कृतियाँ एवं प्रकाशन वर्ष
काव्य संग्रह
पथ के गीत (1951 – प्रथम संग्रह), बेरंग-बेनाम चिट्ठियाँ (1962), पक गई है धूप (1969), कंधे पर सूरज (1977), दिन एक नदी बन गया (1984), मेरे प्रिय गीत (1985), बाजार को निकले हैं लोग (ग़ज़ल – 1986), जुलूस कहाँ जा रहा है (1989), रामदरश मिश्र की प्रतिनिधि कविताएँ (1990), आग कुछ नहीं बोलती (1992), शब्द-सेतु (1996), हँसी ओठ पर आँखें नम हैं (ग़ज़ल – 1997), ऐसे में जब कभी (1999), मेरे गीत (2003)
उपन्यास
पानी के प्राचीर (1961 – प्रथम), जल टूटता हुआ (1969), सूखता हुआ तालाब (1972), अपने लोग (1976), रात का सफर (1976), आकाश की छत (1979), आदिम राग (1982), बिना दरवाजे का मकान (1984), दूसरा घर (1986), थकी हुई सुबह (1994), बीस बरस (1996)
कहानी संग्रह
खाली घर (1968 – प्रथम), एक वह (1974), दिनचर्या (1979), सर्पदंश (1982), बसंत का एक दिन (1982), इकसठ कहानियाँ (1984), मेरे प्रिय कहानियाँ (1990), अपने लिये (1992), चर्चित कहानियाँ (1992), श्रेष्ठ आंचलिक कहानियाँ (1995), आज का दिन भी (1996), एक कहानी लगातार (1997), फिर कब आएँगे (1998), अकेला मकान (1999), दिन के साथ (2002), मेरी तेरह कहानियाँ (2002), विदूषक (2002)
आलोचना / समीक्षा
हिंदी आलोचना का इतिहास (1960), साहित्य: संदर्भ और मूल्य (1961), ऐतिहासिक उपन्यासकार वृन्दावनलाल वर्मा (1964), हिंदी उपन्यास: एक अंतर्यात्रा (1968), हिंदी समीक्षा: स्वरूप और संदर्भ (1974), आज का हिंदी साहित्य: संवेदना और दृष्टि (1975), हिंदी कहानी: अंतरंग पहचान (1977), हिंदी कविता: आधुनिक आयाम (1978), छायावाद का रचना-लोक (1981), आधुनिक हिंदी कविता: सृजनात्मक संदर्भ (1986), हिंदी गद्य साहित्य: आधुनिक आयाम (1994), हिंदी गद्य साहित्य: उपलब्धि की दिशाएँ (2000)
आत्मकथा
सहचर है समय (1991), जहाँ खड़ा हूँ (पहला खंड – 1984), रोशनी की पगडंडियाँ (दूसरा खंड – 1988), टूटते-बनते दिन (तीसरा खंड – 1989), उत्तर-पथ (चौथा खंड – 1991), फ़ुरसत के दिन (पाँचवाँ खंड – 2000)
ललित निबंध
बबूल और कैक्टस (1971), कितने बजे हैं (1982), घर-परिवेश (2003)
यात्रा-वृत्तांत
तना हुआ इंद्रधनुष (1989), भोर का सपना (1993), पड़ोस की खुशबू (1998)
संस्मरण
स्मृतियों के छंद (1995), अपने-अपने रास्ते (2001)
समग्र
रामदरश मिश्र रचनावली (14 खंडों में, 2000 ई., संपादन: डॉ. रामदरश मिश्र एवं डॉ. स्मिता मिश्र)

4. साहित्यिक विशेषताएँ

  • केंद्रीय विधा एवं संवेदना: वे मूलतः और प्रथमतः कवि हैं; गीत उनकी काव्य-यात्रा का मूल मर्म है, जो लोकगीतों की स्मृति से जुड़ा है
  • ग्राम्य गंध और सहजता: लंबे समय तक दिल्ली में रहने के बावजूद उनके व्यक्तित्व और साहित्य में अकृत्रिम गवईंपन और सादगी मौजूद है
  • उपन्यासों का स्वरूप: पानी के प्राचीर, जल टूटता हुआ और अपने लोग जैसे उपन्यास केवल आंचलिक दायरे तक सीमित न होकर प्रेमचंद की यथार्थवादी परंपरा का विस्तार करते हैं
  • विचारधारा: किसी संकीर्ण वाद में बंधे बिना आम आदमी के पक्षधर; उनके लेखन में व्यावहारिक और जीवंत मार्क्सवादी चेतना व गहरी मानवीय करुणा दिखाई देती है

5. प्रमुख सम्मान व पुरस्कार

  • शलाका सम्मान (2001): हिंदी अकादमी द्वारा प्रदत्त
  • साहित्य वाचस्पति (2001): हिंदी साहित्य सम्मेलन, प्रयाग द्वारा प्रदत्त
  • रामविलास शर्मा साहित्य सम्मान (2003): ऑल इंडिया कॉन्फ्रेंस ऑफ इंटेलेक्चुअल्स (आगरा चैप्टर) द्वारा प्रदत्त

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

error: Content is protected !!