Tag Archives: rpsc first grade hindi sahitya notes

अज्ञेय की कविता ‘ यह दीप अकेला’ और ‘मैंने देखा एक बूँद’ का मूलभाव और उद्देश्य

सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन ‘अज्ञेय’ की दोनों प्रसिद्ध कविताओं का मूलभाव (Central Idea) और उद्देश्य (Purpose): 1. यह दीप अकेला मूलभाव (Central Idea): व्यष्टि का समष्टि में विलय: कविता का केंद्रीय भाव व्यक्ति (व्यष्टि) और समाज (समष्टि) के आंतरिक संबंधों को स्पष्ट करना है। ‘दीप’ समर्थ, गुणवान और स्वतंत्र व्यक्ति का प्रतीक है, जबकि ‘पंक्ति’ समाज की प्रतीक है। अहंकार का ...

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डॉ. प्रभा खेतान — साहित्यिक परिचय एवं प्रमुख रचनाएँ(dr. prabha khetan sahityik parichay evam pramukh rachnayen)

डॉ. प्रभा खेतान — साहित्यिक परिचय एवं प्रमुख रचनाएँ डॉ. प्रभा खेतान (1942–2009) समकालीन हिंदी साहित्य की अत्यंत प्रखर, निर्भीक और सशक्त नारीवादी कथाकार, कवयित्री, अनुवादक तथा विचारक थीं। उन्होंने अपनी रचनाओं में पितृसत्तात्मक सामाजिक व्यवस्था, स्त्री की आर्थिक-दैहिक स्वायत्तता और महानगरीय जीवन की विसंगतियों का अत्यंत बेबाक और संवेदनात्मक अंकन किया। 1. संक्षिप्त जीवन परिचय विवरण तथ्य जन्म 1 ...

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विलायत में दादाभाई नौरोजी को ‘काला’ कहे जाने पर बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की काव्य-पंक्तियाँ

दादाभाई नौरोजी पर बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ की ऐतिहासिक काव्य-टिप्पणी ब्रिटिश संसद (हाउस ऑफ कॉमन्स) के चुनाव (1892 ई.) के दौरान ब्रिटेन के तत्कालीन प्रधानमंत्री लॉर्ड सैलिसबरी (Lord Salisbury) ने दादाभाई नौरोजी के लिए नस्लभेदी टिप्पणी करते हुए उन्हें “काला आदमी” (Black Man) कहा था। इस अपमानजनक वक्तव्य पर भारतेंदु युगीन प्रमुख साहित्यकार व राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत बदरीनारायण चौधरी ‘प्रेमघन’ ...

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काले मेघा पानी दे : विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षा नोट्स

काले मेघा पानी दे : विस्तृत विश्लेषण एवं परीक्षा नोट्स यहाँ धर्मवीर भारती द्वारा रचित संस्मरण ‘काले मेघा पानी दे’ (कक्षा 12वीं, आरोह भाग-2) के विस्तृत, विश्लेषणात्मक एवं परीक्षा-उपयोगी नोट्स दिए गए हैं। 1.सामान्य परिचय एवं संदर्भ   लेखक: डॉ. धर्मवीर भारती विधा: संस्मरण (आत्मकथात्मक संस्मरण) प्रमुख पात्र: लेखक (किशोर आयु में), जीजी (लेखक की माँ की उम्र की स्नेही ...

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शिरीष के फूल (निबंध विश्लेषण व परीक्षा-उपयोगी नोट्स)

शिरीष के फूल (निबंध विश्लेषण व परीक्षा-उपयोगी नोट्स) ‘शिरीष के फूल’ आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी द्वारा रचित एक प्रतिनिधि ललित निबंध (Personal/Cultural Essay) है, जो उनके प्रसिद्ध निबंध-संग्रह ‘कल्पलता’ (1951 ई.) में संकलित है। यह निबंध कक्षा 12वीं (NCERT आरोह भाग-2) सहित विभिन्न शिक्षक भर्ती एवं प्रतियोगी परीक्षाओं (RPSC, UGC NET, UP TGT/PGT) के पाठ्यक्रम का अनिवार्य हिस्सा है। 1. ...

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यास(acharya hajari prasad dwivedi ke upanyas)

आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के उपन्यास आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी हिन्दी के शीर्षस्थ ऐतिहासिक-सांस्कृतिक उपन्यासकार हैं। उन्होंने इतिहास और कल्पना के अद्भुत समन्वय द्वारा प्राचीन भारतीय संस्कृति, दर्शन, नारी-गरिमा और लोकजीवन को अपने उपन्यासों में जीवंत किया है। संक्षिप्त तुलनात्मक तालिका उपन्यास प्रकाशन वर्ष ऐतिहासिक पृष्ठभूमि / आधार मुख्य विषय / केन्द्रीय दर्शन प्रमुख पात्र बाणभट्ट की आत्मकथा 1946 ई. ...

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी का जीवन परिचय(acharya hajari prasad dwivedi ka jeevan parichay)

1. सामान्य परिचय एवं जीवन-वृत्त जन्म: 19 अगस्त, 1907 ई. | ग्राम: आरत दूबे का छपरा (ओझवलिया), जिला: बलिया (उत्तर प्रदेश) बचपन का नाम: वैद्यनाथ द्विवेदी उपनाम: व्योमकेश माता-पिता: श्रीमती ज्योतिष्मति एवं पं. अनमोल द्विवेदी (संस्कृत, फारसी व ज्योतिष के प्रकांड विद्वान) विवाह: 1927 ई. (श्रीमती भगवती देवी के साथ) शिक्षा: 1920: मिडिल परीक्षा (प्रथम श्रेणी) 1923: काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ...

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परमाल रासो (आल्हा खण्ड) का परिचय[paramal raso (aalha khand) ka parichay]-II

परमाल रासो (आल्हा खण्ड) का परिचय-II ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (महोबा का युद्ध – 1182 ई.) यह संपूर्ण काव्य-प्रसंग चंदेल शासक परमर्दिदेव (परमाल) के काल और दिल्ली के शासक पृथ्वीराज चौहान के मध्य हुए ऐतिहासिक महोबा युद्ध (सिरसागढ़ एवं महोबा का घेरा) से जुड़ा है। आल्हा और ऊदल का निष्कासन: राजा परमाल ने माहिल (रानी मल्हना के भाई) के षड्यंत्र में आकर ...

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पंडित बालकृष्ण भट्ट का जीवन परिचय(pandit balkrishna bhatt ka jeevan parichay)

पंडित बालकृष्ण भट्ट का जीवन परिचय 1. परिचय पं. बालकृष्ण भट्ट भारतेन्दु मंडल के प्रमुख साहित्यकारों में माने जाते हैं। वे निबंधकार, पत्रकार, आलोचक, उपन्यासकार तथा नाटककार थे। हिन्दी गद्य के विकास में उनका महत्वपूर्ण योगदान रहा। ‘हिन्दी प्रदीप’ के संपादन के माध्यम से उन्होंने साहित्य तथा राष्ट्रीय चेतना को व्यापक रूप से प्रभावित किया। भारतेन्दु युग के सर्वोत्कृष्ट निबंधकारों ...

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 रामदरश मिश्र का जीवन परिचय(ramdarash mishr ka jeevan parichay)

           रामदरश मिश्र का जीवन परिचय 1. जीवन परिचय जन्म: 15 अगस्त 1924 (श्रावण पूर्णिमा), ग्राम– बड़े डुमरी (गोरखपुर से 20 मील दूर), उत्तर प्रदेश। माता-पिता: पिता– रामचंद्र मिश्र, माता– कवलपाती। परिवार: तीन भाइयों में सबसे छोटे (बड़े भाई: रामअवध मिश्र व रामनवध मिश्र)। छोटी बहन: कमला। प्रथम विवाह: 1940 में (1947 में पहली पत्नी का ...

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