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‘अतीत में दबे पाँव’ पाठ के लेखक कौन हैं?
ओम थानवी।
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‘अतीत में दबे पाँव’ किस विधा की रचना है?
यात्रा-वृत्तांत / पुरातात्विक निबंध।
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‘मुअनजो-दड़ो’ का शाब्दिक अर्थ क्या है?
मुर्दों का टीला।
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मुअनजो-दड़ो वर्तमान में किस देश और किस प्रांत में स्थित है?
पाकिस्तान के सिंध प्रांत में।
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हड़प्पा सभ्यता का दूसरा प्रमुख केंद्र हड़प्पा वर्तमान में कहाँ स्थित है?
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में।
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मुअनजो-दड़ो और हड़प्पा किस युग के सबसे पुराने नियोजित शहर माने जाते हैं?
ताम्र काल (सिंधु घाटी सभ्यता) के।
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हड़प्पा के अधिकांश साक्ष्य किस निर्माण कार्य की भेंट चढ़ गए?
रेललाइन बिछाने के दौरान।
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मुअनजो-दड़ो शहर कितने क्षेत्र (क्षेत्रफल) में फैला हुआ माना जाता है?
लगभग दो सौ हेक्टेयर क्षेत्र में।
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पाँच हज़ार वर्ष पूर्व मुअनजो-दड़ो शहर की अनुमानित आबादी कितनी थी?
लगभग पचासी हज़ार (85,000)।
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सिंधु घाटी मैदान की संस्कृति होने के बावजूद मुअनजो-दड़ो किस पर आबाद था?
मानवनिर्मित छोटे-मोटे टीलों पर।
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मुअनजो-दड़ो के टीलों को कच्ची-पक्की ईंटों से ऊँचा क्यों बनाया गया था?
ताकि सिंधु नदी का बाढ़ का पानी बस्ती में न घुस सके।
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मुअनजो-दड़ो के सबसे ऊँचे चबूतरे पर किस स्मारक का निर्माण हुआ था?
बौद्ध स्तूप का।
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बौद्ध स्तूप का निर्माण मुअनजो-दड़ो के बिखरने के कितनी सदी बाद हुआ?
लगभग छब्बीस सदी (2600 वर्ष) बाद।
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बौद्ध स्तूप किस चबूतरे पर बना हुआ है?
पचीस फुट ऊँचे चबूतरे पर।
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सन् 1922 में बौद्ध स्तूप की खोजबीन के लिए मुअनजो-दड़ो कौन आए थे?
राखालदास बनर्जी।
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किसके निर्देश पर मुअनजो-दड़ो में व्यापक पुरातात्विक खुदाई अभियान शुरू हुआ?
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के तत्कालीन महानिदेशक सर जॉन मार्शल के निर्देश पर।
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मुअनजो-दड़ो की खोज ने भारत को किन दो प्राचीन सभ्यताओं के समकक्ष ला खड़ा किया?
मिस्र और मेसोपोटामिया (इराक) की सभ्यताओं के।
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बौद्ध स्तूप को किस नाम से अभिहित किया गया है?
‘नागर भारत का सबसे पुराना लैंडस्केप’।
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सिंध और राजस्थान की धूप में क्या अंतर बताया गया है?
राजस्थान की धूप पारदर्शी है, जबकि सिंध की धूप आँखों को चौंधियाती है।
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पुरातत्व के विद्वान नगर के पश्चिमी ऊँचे सत्ता-केंद्र वाले हिस्से को क्या कहते हैं?
‘गढ़’ (Citadel)।
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मुअनजो-दड़ो की नगर-योजना किस आधुनिक वास्तु-शैली पर आधारित है?
‘ग्रिड प्लान’ (Grid Plan) शैली पर।
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आधुनिक युग में ग्रिड शैली पर बसे कौन-से शहर माने जाते हैं?
चंडीगढ़, ब्रासीलिया और इस्लामाबाद।
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मुअनजो-दड़ो के स्तूप के ठीक सामने पूर्व दिशा में किसकी बस्ती स्थित है?
उच्च वर्ग (रईसों) की बस्ती।
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मुअनजो-दड़ो के दक्षिण में बने छोटे व टूटे-फूटे घर किसके माने गए हैं?
कामगारों / निम्न वर्ग के।
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सौ वर्षों में मुअनजो-दड़ो के कुल कितने हिस्से की खुदाई हो पाई है?
लगभग एक-तिहाई हिस्से की।
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महाकुंड की ओर जाने वाली लंबी गली को क्या नाम दिया गया है?
दैव मार्ग (Divinity Street)।
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मुअनजो-दड़ो का प्रसिद्ध अनुष्ठानिक महाकुंड कितना लंबा और चौड़ा है?
लगभग चालीस फुट लंबा और पच्चीस फुट चौड़ा।
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महाकुंड की गहराई कितनी है?
सात फुट।
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महाकुंड में उतरने के लिए सीढ़ियाँ किन दिशाओं में बनी हैं?
उत्तर और दक्षिण दिशा से।
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महाकुंड के उत्तर में दो पाँतों में कुल कितने स्नानघर बने हुए हैं?
आठ स्नानघर।
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महाकुंड के स्नानघरों की प्रमुख वास्तु विशेषता क्या है?
किसी भी स्नानघर का द्वार दूसरे के सामने नहीं खुलता।
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महाकुंड का पानी रिसने से रोकने के लिए किन पदार्थों का लेप/गारा लगाया गया था?
चूने और चिरोड़ी (जिप्सम) के गारे तथा सफेद डामर का।
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महाकुंड के जल भराव के लिए किस प्रकार का विशेष कुआँ बना हुआ था?
दोहरे घेरे वाला अकेला कुआँ।
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सिंधु घाटी की जल-निकासी व्यवस्था की सबसे अनूठी विशेषता क्या है?
नालियाँ पक्की ईंटों से बनी थीं और ऊपर से पूरी तरह ढकी हुई थीं।
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महाकुंड के पास बने विशाल अन्न-भंडार को क्या कहा गया है?
कोठार।
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विशाल कोठार में अनाज की सुरक्षा हेतु कुल कितनी चौकियाँ बनी हैं?
नौ-नौ चौकियों की तीन कतारें।
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इतिहासकार इरफ़ान हबीब के अनुसार सिंधु घाटी के लोग मुख्य रूप से कौन-सी फसल लेते थे?
रबी की फसल।
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खुदाई में किन-किन प्रमुख फसलों के पुख्ता प्रमाण मिले हैं?
गेहूँ, जौ, सरसों, चना, कपास, ज्वार, बाजरा और रागी।
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दुनिया में सूती कपड़े के दो सबसे पुराने नमूनों में से एक मुअनजो-दड़ो में मिला, दूसरा कहाँ मिला?
जॉर्डन में (3000 ईसा पूर्व का)।
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मुअनजो-दड़ो में सूत रंगाई का कारखाना किसकी खुदाई में मिला था?
माधोस्वरूप वत्स की खुदाई में।
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मेसोपोटामिया के प्राचीन शिलालेखों में मुअनजो-दड़ो के लिए किस शब्द का संभावित उल्लेख है?
‘मेलुहा’ शब्द का।
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महाकुंड के उत्तर-पूर्व में स्थित बड़ी इमारत को क्या माना जाता है?
‘कॉलेज ऑफ प्रीस्ट्स’ (ज्ञानशाला)।
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दक्षिण में स्थित बीस खंभों वाले बड़े हॉल को क्या माना गया है?
राज्य सचिवालय, सभा-भवन या सामुदायिक केंद्र।
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‘डीके’ क्षेत्र का नामकरण किस पुरातत्ववेत्ता के नाम पर किया गया है?
दीक्षित काशीनाथ (काशीनाथ नारायण दीक्षित) के नाम पर।
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मुअनजो-दड़ो शहर की मुख्य सड़क (फ़र्स्ट स्ट्रीट) की चौड़ाई कितनी है?
तैंतीस (33) फुट।
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मुख्य सड़क की चौड़ाई के आधार पर एक साथ कितने वाहनों के निकलने का अनुमान है?
दो बैलगाड़ियों के एक साथ आने-जाने का।
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मुअनजो-दड़ो के घरों के दरवाजों की क्या खासियत थी?
घरों के मुख्य दरवाजे सड़क पर न खुलकर अंदर की गलियों में खुलते थे।
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आधुनिक काल में चंडीगढ़ के किस प्रसिद्ध वास्तुकार ने मुअनजो-दड़ो जैसी गृह-योजना अपनाई?
ली कार्बजिए (कार्बूसिए) ने।
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बस्ती के भीतर की छोटी सड़कों की चौड़ाई कितनी थी?
नौ से बारह फुट।
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इतिहासकारों के अनुसार केवल मुअनजो-दड़ो में कुल कितने कुएँ थे?
लगभग सात सौ (700) कुएँ।
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भू-जल तक पहुँचने के लिए कुएँ खोदने वाली संसार की पहली ज्ञात संस्कृति कौन-सी है?
सिंधु घाटी सभ्यता।
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मुअनजो-दड़ो में प्रयुक्त पक्की ईंटों की माप का मानक अनुपात क्या था?
1 : 2 : 4 (मोटाई : चौड़ाई : लंबाई)।
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मुअनजो-दड़ो के घरों की सामने की दीवार में खिड़कियाँ क्यों नहीं थीं?
सुरक्षा और निजता के कारण (खिड़कियाँ केवल ऊपरी मंजिल या आँगन की तरफ थीं)।
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मुअनजो-दड़ो के साधारण घरों का सामान्य आकार कितना था?
लगभग तीस गुणा तीस (30 × 30) फुट।
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‘मुखिया के घर’ में कुल कितने कमरे और आँगन मिले हैं?
दो आँगन और लगभग बीस कमरे।
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दाढ़ी वाले ‘याजक-नरेश’ (Priest King) की मूर्ति किस क्षेत्र से मिली थी?
डीके-बी, सी क्षेत्र से।
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‘एचआर’ (HR) क्षेत्र का नामकरण किस पुरातत्वविद के नाम पर हुआ?
हेरल्ड हरग्रीव्ज के नाम पर (1924-25 में खुदाई)।
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प्रसिद्ध काँसे की ‘नर्तकी’ (Dancing Girl) की मूर्ति किस क्षेत्र से प्राप्त हुई?
एचआर (HR) क्षेत्र के एक छोटे घर से।
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पुरातत्वविद मार्टिमर व्हीलर ने नर्तकी की मूर्ति के बारे में क्या कहा था?
कि “संसार में इसके जोड़ की दूसरी चीज़ शायद ही होगी”।
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मुअनजो-दड़ो से प्राप्त नर्तकी की मूर्ति वर्तमान में कहाँ सुरक्षित है?
राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में।
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‘वीएस’ (VS) क्षेत्र का नामकरण किस पुरातत्ववेत्ता के नाम पर हुआ?
माधोस्वरूप वत्स के नाम पर।
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रंगरेज़ (कपड़ा रंगाई) का कारखाना किस क्षेत्र में स्थित है?
वीएस (VS) क्षेत्र में।
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कामगारों के घरों की क्या विशेषता थी?
दो कतारों में सोलह छोटे मकान, जिनमें प्रत्येक में दो-दो कमरे और निजी स्नानघर थे।
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मुअनजो-दड़ो में कुओं को छोड़कर अधिकांश संरचनाएँ किस आकार की थीं?
चौकोर या आयताकार।
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अमेरिकी नृवैज्ञानिक ग्रेगरी पोसेल के अनुसार बड़े घरों की भूतल मंजिल में कौन रहते होंगे?
नौकर-चाकर।
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मुअनजो-दड़ो के घरों में छज्जों के न होने से लेखक ने किस बात का अनुमान लगाया?
कि उस दौर में यहाँ अधिक वर्षा होती होगी और मौसम बहुत गर्म नहीं रहा होगा।
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पुरातत्वविद शीरीन रत्नागर का खेती के संबंध में क्या मानना है?
कि सिंधु-वासी कुओं से खेतों की सिंचाई करते थे।
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लेखक को मुअनजो-दड़ो के खंडहर देखकर राजस्थान के किस ऐतिहासिक गाँव की याद आई?
जैसलमेर के उजड़े गाँव ‘कुलधरा’ की।
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कुलधरा गाँव के वीरान होने का क्या ऐतिहासिक कारण था?
राजा से तकरार होने पर स्वाभिमानी पालीवाल ब्राह्मण रातोंरात गाँव छोड़ गए थे।
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सर जॉन मार्शल ने मुअनजो-दड़ो पर कितने खंडों का ग्रंथ प्रकाशित करवाया था?
तीन खंडों का।
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मार्शल की पुस्तक में बैलगाड़ी के चित्र से लेखक ने किस तथ्य की पुष्टि की?
परंपरा की निरंतरता की (मिट्टी की खिलौना गाड़ी और सिंध की वास्तविक बैलगाड़ी में समानता)।
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वर्तमान में रेगिस्तान में ऊँटगाड़े में किस प्रकार के पहियों का प्रयोग होने लगा है?
हवाई जहाज़ के पुराने (उतारू) पहियों का।
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मुअनजो-दड़ो की खुदाई में कुल कितनी पंजीकृत वस्तुएँ प्राप्त हुई थीं?
पचास हज़ार (50,000) से अधिक।
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मुअनजो-दड़ो के अधिकांश महत्वपूर्ण पुरावशेष किन शहरों के संग्रहालयों में सुरक्षित हैं?
कराची, लाहौर, नई दिल्ली और लंदन में।
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मुअनजो-दड़ो के अजायबघर में तैनात कर्मचारी का नाम क्या था?
अली नवाज़।
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अजायबघर में प्रदर्शित प्रमुख घरेलू वस्तुएँ कौन-सी हैं?
काला पड़ा गेहूँ, ताँबे-काँसे के बर्तन, मुहरें, दीये, चौपड़ की गोटियाँ, तराजू-बाट और चक्की।
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सिंधु घाटी की खुदाई में कौन-सी महत्वपूर्ण वस्तु बिल्कुल नहीं मिली?
हथियार (युद्ध के अस्त्र-शस्त्र)।
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हथियारों के न मिलने से विद्वानों ने शासन व्यवस्था के बारे में क्या निष्कर्ष निकाला?
कि यहाँ सैन्य सत्ता या तानाशाही नहीं थी, बल्कि समाज स्व-अनुशासन से चलता था।
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सिंधु घाटी सभ्यता को सांस्कृतिक दृष्टि से क्या कहा गया है?
‘लो-प्रोफ़ाइल’ सभ्यता (लघुता में महत्ता देखने वाली संस्कृति)।
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याजक-नरेश के सिर पर पहने गए आभूषण को क्या नाम दिया गया है?
छोटा सिरपेंच (मुकुट)।
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सिंधु घाटी सभ्यता का सौंदर्यबोध किस प्रकार का था?
राज-पोषित या धर्म-पोषित न होकर ‘समाज-पोषित’।
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काशीनाथ दीक्षित को खुदाई में सोने की कुल कितनी सुइयाँ मिली थीं?
तीन सुइयाँ (जिनमें एक दो-इंच लंबी थी)।
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सोने और ताँबे की सुइयों का प्रयोग किस कार्य में होता होगा?
कपड़ों पर बारीक कशीदाकारी (गुलकारी) करने में।
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याजक-नरेश की मूर्ति के कंधे पर किस प्रकार का वस्त्र प्रदर्शित है?
फूलदार कशीदाकारी (गुलकारी) वाला दुशाला।
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वर्तमान सिंध प्रांत की पारंपरिक छपाई वाले कपड़े को क्या कहा जाता है?
‘अजरक’।
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हाथीदाँत और ताँबे के बड़े सुओं का उपयोग संभवतः किसमें होता था?
दरियाँ बुनने में।
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मुअनजो-दड़ो में अब पुरातात्विक खुदाई क्यों बंद कर दी गई है?
सिंधु नदी के जल-रिसाव से उत्पन्न क्षार (खारेपन) और दलदल की समस्या के कारण।
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वर्तमान में मुअनजो-दड़ो के खंडहरों के सामने सबसे बड़ा संकट क्या है?
क्षार और दलदल से खंडहरों को बचाकर सुरक्षित रखना।
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मुअनजो-दड़ो के घरों में प्रवेश द्वार के सामने क्या बना होता था?
दीवार का पर्दा (ताकि बाहर से सीधे आँगन न दिखे)।
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सिंधु घाटी के लोग धातु गलाने के लिए किस धातु का सर्वाधिक प्रयोग करते थे?
ताँबा और काँसा।
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सिंधु सभ्यता के लोगों को किस धातु का ज्ञान नहीं था?
लोहे का।
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राजस्थान से सिंधु सभ्यता के लोग मुख्य रूप से क्या मँगाते थे?
ताँबा (खेतड़ी की खानों से)।
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‘चिरोड़ी’ का आधुनिक रासायनिक नाम क्या है?
जिप्सम।
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‘शहतीर’ किसे कहते हैं?
छत को सहारा देने वाली लकड़ी की मुख्य मोटी कड़ी या बीम।
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‘इलहाम’ शब्द का उर्दू/हिंदी में क्या अर्थ है?
अंतःप्रेरणा या दैवीय अनुभूति।
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‘गुलकारी’ का क्या अभिप्राय है?
कपड़ों पर धागों से फूल-पत्तियाँ काढ़ने की कला (कशीदाकारी)।
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सिंधु घाटी सभ्यता की लिपि अभी तक क्यों नहीं पढ़ी जा सकी?
क्योंकि वह चित्रात्मक और अनबूझ (अस्पष्ट) लिपि है।
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लेखक ने मुअनजो-दड़ो की संस्कृति को ‘जल-संस्कृति’ क्यों कहा है?
कुओं, महाकुंड, निजी स्नानागारों और ढकी हुई भूमिगत नालियों की अद्भुत व्यवस्था के कारण।
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‘अतीत में दबे पाँव’ शीर्षक का क्या तात्पर्य है?
पाँच हज़ार साल पुरानी शांत, अनुशासित और समृद्ध सभ्यता के पदचिह्नों को खंडहरों में सजीव महसूस करना।
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इस पाठ से पाठक को अतीत के प्रति क्या दृष्टिकोण मिलता है?
कि प्राचीन भारतीय सभ्यता दिखावे और सैन्य-बल से मुक्त, कला-प्रेमी, अत्यंत वैज्ञानिक और समाज-केंद्रित थी।