Author Archives: Puran Mal Kumhar

मंजरी, अलंकार,कवि,मध्यान्त ,चन्द्रिका, तरंगिणी,माँ ,औरत, बेटा/बेटी,लक्ष्मी मिलती – जुलती रचनाएँ

• मिलती – जुलती के रचनाओं का प्रथम शब्द 11. मंजरी 12. अलंकार 13. कवि 14. मध्यान्तर 15. चन्द्रिका 16. तरंगिणी 17. माँ 18. औरत 19. बेटा/बेटी 20 लक्ष्मी 11. मंजरी:- • रूप मंजरी, रसमंजरी – नन्ददास • रस मंजरी – न्यामत खॉ ज्ञान • कनक मंजरी – काशीराम • रस मंजरी,श्रृंगार मंजरी – चिंतामणि त्रिपाठी • फूल मंजरी – ...

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हिंदी के रचनाकारों का जन्मकाल(hindi ke rachanakaron ka janmakal)

क्रम संख्या रचनाकार का जन्म रचनाकार 1.         1380ई. विद्यापति 2.         1388ई. (डॉ.रामकुमार वर्मा के अनुसार )   रैदास 3.         1398 ई. कबीर दास 4.         1418ई. धर्मदास 5.         1468ई. कुंभनदास 6.         1469ई. गुरुनानक 7.         1478ई. सूरदास 8.         1491ई. परमानन्ददास 9.           1492ई. जायसी 10.     1495ई. कृष्णादास 11.     1498ई. मीराबाई 12.   ...

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गाँधी,भारतेन्दु हरिश्चन्द,प्रेमचन्द,निराला से सम्बन्धित रचनाऐं

1. प्रेमचन्द :-प्रेमचन्द जी से सम्बन्धित रचनाऐं 2. हरिश्चन्द्र :- भारतेन्दु हरिश्चन्द जी से सम्बन्धित रचनाऐं 3.निराला :-निराला जी से सम्बन्धि रचनाऐं 4.गाँधी :- गाँधी जी से सम्बन्धित रचनाएं   1. प्रेमचन्द :-प्रेमचन्द जी से सम्बन्धित रचनाऐं   • प्रेमचन्द घर में- शिवरानी प्रेमचन्द(प्रेमचन्द की दूसरी पत्नी) • प्रेमचन्द:सांमतों के मुंशी – धर्मवीर • प्रेमचन्द विश्वकोश भाग-1 – कमलकिशोर गोयनका ...

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रिश्ते और जानवर के नाम से सम्बन्धित रचनाऐं(rishte aur janavar ke nam se sambandhit rachanain)

1.  रिश्ते के नाम से  सम्बन्धित रचनाऐं 2. जानवर के नाम से सम्बन्धित रचनाऐं   1. रिश्ते के नाम से सम्बन्धित रचनाऐं :- • बापू – सियारामशरण गुप्त(आधुनिक हिन्दी का बापू) • बच्चे की दुनिया – बलदेव वंशी • वृद्ध (निबन्ध) – प्रतापनारायण मिश्र • वृद्ध विलाप (नाटक) – बद्री नारायण चौधरी‘प्रेमधन’ • ताई(कहानी) – विश्वम्भरनाथ कौशिक • भद्र पुरूष(निबन्ध) ...

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दान,गरीब, दर्पण,शतक,माधवानल,मधु, इतिहास, साहित्य,भूषण,मुक्ति,सुजान,धूप मिलती – जुलती के रचनाओं

क्रम संख्या मिलती – जुलती के रचनाओं का प्रथम शब्द 31. दान 32. गरीब 33. दर्पण 34. शतक 35. माधवानल 36. मधु 37. इतिहास 38. साहित्य 39. भूषण 40. मुक्ति 41. सुजान 42. धूप   31.दान:-   • कन्यादान(निबन्ध) – सरदार पुर्णसिंह • कन्यादान (कविता) – ऋतुराज • कन्यादान (उपन्यास) – राजबुद्धिरजा • शिक्षादान(नाटक) – बालकृष्ण भट्ट   32.गरीब:-   ...

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मुस्कान,मानसी,आँसू ,आँख,प्रेम,पुष्प,अंधेरा,स्वप्न,त्रि,रश्मि मिलती – जुलती रचनाओं

क्रम संख्या मिलती – जुलती के रचनाओं का प्रथम शब्द 21. मुस्कान 22. मानसी 23. आँसू 24. आँख 25. प्रेम 26. पुष्प 27. अंधेरा 28. स्वप्न 29. त्रि 30. रश्मि   21.मुस्कानः-   • लिपस्टिक की मुस्कान – विष्णु प्रभाकर • जीवन की मुस्कान(उपन्यास) – उषा देवी मित्र • एक ईच मुस्कान(उपन्यास,1936,संयुक्त रूप से) – मन्नूभण्डारी व राजेन्द्र यादव (पति-पत्नी) ...

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विलास,इश्क,हंस,रामायण,चरित्र,लहरी,ज्ञान,वाणी,युग ,नल,दमयन्ती मिलती – जुलती रचनाये

क्रम संख्या मिलती – जुलती के रचनाओं का प्रथम शब्द 1. विलास 2. इश्क 3. हंस 4. रामायण 5. चरित्र 6. रामायण 7. लहरी 8. ज्ञान 9. वाणी 10. युग 11. नल दमयन्ती 1. विलासः- • पुरूष विलास – मलूकदास • सुन्दर विलास – सुन्दरदास • अवध विलास – लालदास • ब्रज विलास – ब्रजवासी दास • रस विलास – ...

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रासो साहित्य का परिचय(raso sahity ka parichay)

आचार्य रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार प्रमुख 6 रासो ग्रन्थ बताये है:- • Trick :- बीस पृथ्वी पर खुमान और हम्मीर ने विजय प्राप्त कर ली। 1. बीसलदेवरासो (बीस) 2. पृथ्वीराजरासो (पृथ्वी) 3. परमालरासो (पर) 4. खुमानरासो (खुमान) 5. हम्मीररासो (हम्मीर) 6. विजयपालरासो(विजय) 1. बीसलदेवरासो [ trick :-बीस नर ] • रचनाकाल :- संवत् 1212 (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार)   ...

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परमाल रासो (आल्हा खण्ड) का परिचय[paramal raso (aalha khand) ka parichay]

Trick :- पर जग • रचनाकार – जगनिक • समय – 13वीं शताब्दी • जगनिक महोबा नरेश परमाल के दरबारी कवि उनका उपस्थित काल :- 1173 ई. • विषय :- महोबा नरेश परमाल तथा उनके सामंत आल्हा और उदल के वैयक्तिक शौर्य का वर्णन। • गेय काव्य परम्परा का प्रबन्धकाव्य • प्रमुख रस – वीर रस (दूसरी रचना वीर गीत ...

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बीसलदेव रासो का परिचय(bisaldaio raso) ka parichay)

• trick :-बीस नर • रचनाकाल :- संवत् 1212 (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार) संवत् 1073 (रामकुमार वर्मा के अनुसार) 1016 ई. (डॉ नगेंद्र के अनुसार) (संवत् सहस तिहत्तर जांनि, नाल्ह कबीसर सरसीय वाणि।) • रचनाकार – नरपति नाल्ह(1212 वि.स./1155ई.) • प्रमुख रस – श्रृंगार रस • रचना का काव्य रूप – गेह मुक्तक काव्य,वीर गीत(सर्वप्रथम वीर गीत मे लिखी ...

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शारंगधर का जीवन परिचय(sharangadhar ka jeevan parichay)

शारंगधर का जीवन परिचय(sharangadhar ka jeevan parichay) • शारंगधर का आयुर्वेद का ग्रंथ प्रसिद्ध है। • यह अच्छे कवि और सूत्रकार भी थे। • इन्होंने शारंगधर पद्धति के नाम से एक सुभाषित संग्रह भी बनाया और अपना परिचय भी दिया है। • रणथम्भौर के सुप्रसिद्ध वीर महाराज हम्मीरदेव के प्रधान सभासदों में राघवदेव थे। • राघव दास के तीन पुत्र- ...

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पृथ्वीराज रासो का परिचय(prthveeraj raso ka parichay)

Trick :- पृथ्वी चंद • रचनाकार – चंदबरदाई • कवि चंदवरदाई का परिचय :- • जन्म :- 1149 में • जन्म स्थान:- लाहौर में • मृत्यु :- 1192 में (पृथ्वीराज का जन्म एवं इनका जन्म एक ही दिन एवं मृत्यु भी एक साथ हुई ) • इष्ट देवी :- जालंधर देवी • पिता का नाम :- मतह (पूर्वजों की भूमि ...

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कवि चंदबरदाई का जीवन परिचय(kavi Chandbardai ka jeevan paricha)

कवि चंदबरदाई का जीवन परिचय • जन्म :- 1149 में • जन्म स्थान:- लाहौर में • मृत्यु :- 1192 में (पृथ्वीराज का जन्म एवं इनका जन्म एक ही दिन एवं मृत्यु भी एक साथ हुई ) • इष्ट देवी :- जालंधर देवी • पिता का नाम :- मतह (पूर्वजों की भूमि – पंजाब) • पत्नियों का नाम :- कमला और ...

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मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक(marksavad me aastha rakhane vale kavi kI Short trick)

मार्क्सवाद में आस्था रखने वाले कई कवियों ने अपने काव्य में समाजवादी और आर्थिक न्याय के मूल्यों को प्रमोट किया है। मार्क्सवाद मे आस्था रखने वाले कवि की शार्ट ट्रिक राम के साथ राघव भी मार्क्सवाद मे आस्था रखते है। 1. रामविलास शर्मा (1912-2000) 2. केदारनाथ अग्रवाल (1911-2000) 3. रांगेय राघव(1923-1962) नकेनवाद साहित्यिक आंदोलन एक प्रकार का लोकप्रिय सामाजिक आंदोलन ...

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प्रगतिवादी कवियों की शार्ट ट्रिक(pragativadi kaviyon ki Short trick)

प्रगतिवादी सोच का मुख्य तत्त्व है ‘प्रगति’ या ‘विकास’। इस विचारधारा के अनुयायी मानते हैं कि मानव समाज का विकास निरंतर और स्थिर रूप से होना चाहिए, और इसके लिए तकनीकी, आर्थिक, सामाजिक और सांस्कृतिक उन्नति की दिशा में कठिन प्रयासों की आवश्यकता है। प्रगतिवादी कवियों की शार्ट ट्रिक  ◆ रांगेय राघव ने कहा अपनी प्रगति के लिए नकटी लोग ...

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