Tag Archives: भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां(Bharatendu Harishchandra ke pramukh kaavy krtiyaan)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ(bharatendu harishchandra: pramukh rachnayen evam patra-patrikaen)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र: प्रमुख रचनाएँ एवं पत्र-पत्रिकाएँ इतिहास एवं पुरातत्व कश्मीर-कुसुम महाराष्ट्र देश का इतिहास रामायण का समय अग्रवालों की उत्पत्ति खत्रियों की उत्पत्ति बादशाह दर्पण बूँदी का राजवंश उदय-पुरोदय पुरावृत्त संग्रह दिल्ली दरबार कालचक्र इत्यादि पत्र-पत्रिकाएँ कवि वचन सुधा (1868 ई०) हरिश्चन्द्र मैगजीन (1873 ई०): यह बाद में ‘हरिश्चन्द्र चन्द्रिका’ के नाम से प्रकाशित हुई। बाला बोधिनी (1874 ई०): महिलाओं ...

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र के अनूदित नाटक(bharatendu harishchandra ke anudit natak)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र के अनूदित नाटक भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने संस्कृत, प्राकृत, बांग्ला और अंग्रेजी भाषाओं के कुल 8 महत्वपूर्ण नाटकों का हिंदी में अनुवाद किया। उनके द्वारा अनूदित नाटकों की सूची निम्नलिखित है: नाटक का नाम मूल भाषा / लेखक अनूदित रूप / विधा विद्यासुंदर (1868 ई.) बांग्ला (मूलतः संस्कृत चोरपंचाशिका पर आधारित) नाटक (प्रेम कथा) पाखंड विडंबन (1872 ई.) संस्कृत ...

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख मौलिक नाटक(bharatendu harishchandra ke pramukh maulik natak)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख मौलिक नाटक आधुनिक हिंदी साहित्य और नाट्य विधा के जनक भारतेन्दु हरिश्चंद्र ने कुल मिलाकर लगभग 17 नाटकों की रचना की, जिनमें 9 मौलिक नाटक (तथा प्रहसन/नाटिका) और शेष अनूदित नाटक हैं। नाटक का नाम रचना वर्ष विधा / नाट्य रूप प्रमुख विषय / विशेषता वैदिकी हिंसा हिंसा न भवति 1873 ई. प्रहसन पाखंडी धर्मावलंबियों, मांस-मदिरा ...

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भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां(Bharatendu Harishchandra ke pramukh kaavy krtiyaan)

भारतेन्दु हरिश्चंद्र (1850-1885) हिंदी साहित्य के महत्वपूर्ण कवि, नाटककार, और पत्रकार थे। उन्हें आधुनिक हिंदी साहित्य के पितामह के रूप में भी जाना जाता है। उनके द्वारा रचित काव्य-कृतियों ने हिंदी साहित्य को एक नई दिशा और पहचान दी। यहाँ भारतेन्दु हरिश्चंद्र की प्रमुख काव्य-कृतियों  है:- 🌺 भारतेन्दु हरिश्चंद्र के प्रमुख काव्य कृतियां🌺 ● भक्त सर्वस्व   ● प्रेम मालिका ...

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