आधुनिक काल के कवियों के उपनाम(aadhunik kaal ke kaviyon ke upnaam)

आधुनिक काल के कवियों के उपनाम

  • आधुनिक काल का अजातशत्रु :- भारतेंदु
  • आधुनिक हिंदी काव्य का वैतालिकः- भारतेंदु
  • आधुनिक का सूरदास :- हरिऔध (डॉ. गणपति चंद्र गुप्त ने अनुसार)
  • आधुनिक युग के पद्माकर :- जगन्नाथदास रत्नाकर
  • आधुनिक युग के चारण कवि :- दिनकर
  • आधुनिक युग का तुलसी दास :- मैथिलीशरण गुप्त
  • आधुनिक हिंदी साहित्य के बापू :- सियाराम शरण गुप्त
  • आधुनिक युग के रसखान :- अब्दुल रशीद
  • आधुनिक युग के रहीम :- मिर्जा नासिर हसन
  • आधुनिक युग की मीरा :- महादेवी वर्मा (पंत के अनुसार)
  • आधुनिक नाटक का मसीहा :- मोहन राकेश

हिंदी साहित्य उपनाम

  • पुष्टिमार्ग का जहाज :- सूरदास
  • जैन काव्य (साहित्य) का रहस्यवादी कवि भाषा का डिक्टेटर :- रामसिंह
  • रामकाव्य के पुरस्कर्ता :- रामानंद
  • आकाश धर्मा गुरु, रामावत संप्रदाय के संस्थापकः- रामानंद (आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी)
  • रूपकों का बादशाह :- तुलसीदास (लाला भगवानदीन और डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार)
  • अनुप्रास का बादशाह :- तुलसीदास (आ.रामचन्द्र शुक्ल के अनुसार)
  • उत्प्रेक्षाओं का बादशाह :-तुलसीदास (डॉ. उदयभानु के अनुसार)
  • हिंदू जाति का प्रतिनिधि कवि :- भूषण
  • रामचरितमानस के प्रथम टीकाकार :- रामचरणदास
  • अलंकारों का बादशाह :- केशवदास
  • अकुंठ एवं वयस्क शृंगार दृष्टि तथा तृप्ति के कवि :- निराला
  • आधुनिक कविता के सुमेरु, प्रेम और सौंदर्य के कवि :- जयशंकर प्रसाद
  • हिन्दी के विशाल मंदिर की वीणापाणि :- महादेवी वर्मा (हरिऔध का अनुसार)
  • ओज, औदात्य और विद्रोह के कवि :- निराला
  • प्रकृति का उपासक कवि :- श्रीधर पाठक
  • आधुनिक कबीर :- नागार्जुन (नामवर सिंह के अनुसार)
  • आधुनिक मीरा :- महादेवी वर्मा
  • भयानक खबरों का कवि :- मुक्तिबोध
  • रोमानी मिजाज के कवि :- गिरिजा कुमार माथुर
  • उडगन केशवदास :- नाभादास
  • शब्दों का बावरा अहेरी :- अज्ञेय
  • चितक कवि :- कुंवरनारायण
  • हरिगीतिका छंद का बादशाह :- मैथिलीशरण गुप्त
  • उपमा का बादशाह :- देव
  • विरोधाभास का बादशाह :- घनानंद
  • हेतुत्प्रेक्षा (उत्प्रेक्षा) का बादशाह :- जायसी
  • श्लेष का बादशाह :- सेनापति
  • बिंब का जादूगर :- केदारनाथ सिंह
  • रीतिकालीन कवियों में कवियों का कल्पवृक्ष :- भूपति (मिश्रबन्धुओं के अनुसार)
  • आधुनिकताबोध (विसंगति बोध) के नाटककार, जनवादी नाटककार :- मोहन राकेश
  • प्राकृत का पाणिनिः- हेमचंद्र (बच्चन सिंह के अनुसार)
  • हिन्दी व्याकरण का पाणिनि :- कामता प्रसाद गुरु
  • अपभ्रंश का पाणिनि :- पिशेल (हजारी द्विवेदी जी के अनुसार)
  • हिन्दी का पाणिनि :- किशोरी दास वाजपेयी
  • हिंदी का कानन डायल :- गोपाल राम गहमरी (गुलाबराय का कथन)
  • हिंदी का जानसन :- महावीर प्रसाद द्विवेदी (रामस्वरूप चतुर्वेदी का मत)
  • हिन्दी का मान्टेन :- बालकृष्ण भट्ट (श्यामसुन्दर का कथन)
  • हिन्दी का एडीसन :- प्रताप नारायण मिश्र (रामचंद्र शुक्ल का कथन)
  • हिंदी के भूषण :- शिवपूजन सहाय
  • कृष्ण का वंशी का अवतार :- हित हरिवंश
  • पत्रकारिता सम्राट :- महावीर प्रसाद द्विवेदी
  • आलोचना सम्राट :-आ. रामचंद्र शुक्ल
  • काव्य एवं नाटक सम्राट :- जयशंकर प्रसाद
  • हिंदी का टेनिसन :- बाबू जगन्नाथदास रत्नाकर
  • हिंदी का लघु प्रसाद :- जगदीशचंद माथुर
  • अष्टछाप कवियों में पूरा ऋषि :- कुंभनदास
  • सिंदरी का कवि :- मदन वात्स्यायन
  • अप्सरा लोक का कवि :- पंत
  • स्मरण का स्मृतिकार :- रायकृष्णदास
  • वसंत का अग्रदूत :- निराला
  • स्वर सिद्ध :- पंत
  • कवि वत्सला :- होमवती देवी
  • धरती का धनी :- फणीश्वरनाथ रेणु
  • बीसवीं सदी का बाणभट्ट :- हजारी प्रसाद द्विवेदी
  • हिंदी का लैम्ब :- प्रतापनारायण मिश्र
  • हिंदी का एलियट :-अज्ञेय
  • पहाड़ से जूझते रहनेवाला कवि :- मुक्तिबोध (श्रीकांत वर्मा के अनुसार)
  • हिंदी की नई पीढ़ी का बिल्कुल अपना कवि, सबसे प्रिय कवि और विचारक मुक्तिबोध है। (शमशेर बहादुर)
  • हिंदी के आधुनिक युग का सबसे शक्तिशाली कवि :- मुक्तिबोध (अगन्येष्का पोलिश कवयित्री ने कहा)
  • छोटे निराला :- जानकी वल्लम शास्त्री
  • हिंदी का लघु प्रसाद :- जगदीशचंद्र माथुर
  • साहित्य का महारथी :- रामचंद्र शुक्ल
  • ऊँची योग्यता का कवि :- गदाधर भट्ट
  • हिंदी का धर्म ध्वज :- तुलसीदास (चतुरसेन शास्त्री के अनुसार)
  • हिंदी का जाति :- कवि तुलसीदास (आचार्य शुक्ल के अनुसार)
  • हिंदी का सर्वश्रेष्ठ कवि – तुलसीदास (आचार्य शुक्ल के अनुसार)
  • हिंदी का गालिब :- बिहारी
  • हिंदी का मिल्टन :- केशवदास (मिश्रबन्धुओं के अनुसार क्योंकि मिल्टन और केशवदास दोनों में काफी समानता थी।)
  • हिंदी का सबसे उद्दण्डः- कवि बेताल बंदीजन ( मिश्र बंधुओं के अनुसार)
  • हिंदी का शेक्सपियर :- भारतेंदु
  • हिंदी का लैम्ब :- प्रताप नारायण मिश्र
  • हिंदी का मानतेन :- प्रताप नारायण मिश्र
  • हिंदी का एडिसन :- प्रतापनारायण मिश्र (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार)
  • हिंदी का स्टील :- बालकृष्ण भट्ट (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार)
  • हिंदी साहित्य जगत में दद्दा :- मैथिलीशरण गुप्त
  • हिंदी का प्रहरी :- पुरुषोत्तम दास टंडन
  • हिंदी का मम्मट :- पंडित रामदहिन मिश्र
  • हिन्दी का मल्लिनाथ :- राजा लक्ष्मण सिंह
  • हिंदी के राष्ट्रीय गीत :- सत्यनारायण ‘कविरत्न’
  • हिंदी का वाल्टर स्काट :- वृन्दावन लाल वर्मा
  • हिंदी का टेनिसन :- जगन्नाथदास ‘रत्नाकर’
  • हिंदी का गोल्डस्मिथः- सियारामशरण गुप्त
  • हिंदी की वीणा :- महादेवी वर्मा
  • हिंदी के विशाल मंदिर की सरस्वती :- महादेवी वर्मा (निराला के अनुसार)
  • हिंदी का वर्ड्सवर्थ :- पंत
  • हिंदी का इलियट :- अज्ञेय
  • हिंदी का शरद् :- जैनेंद्र
  • हिंदी और मराठी का हाईब्रिड:- मुक्तिबोध
  • हिन्दी का बायरनः- हरिवंश राय बच्चन
  • हिंदी का भूषण :- शिवपूजन सहाय (निराला के अनुसार) [ ब्रज का भूषण- बिहारी]
  • हिंदी का सेन्टा क्लॉज :- आचार्य रामचंद्र शुक्ल
  • हिंदी आलोचना का परशुराम :- रामविलास शर्मा ( विजयदेव नारायण साही के अनुसार)
  • हिंदी का गजल सम्राट :- दुष्यंत कुमार
  • कलम का सिपाही :- प्रेमचंद (अमृतराय के अनुसार)
  • कलम का जादूगर :- रामवृक्ष बेनीपुरी
  • कलम का मजदूर :- प्रेमचंद (मदन मोहन के अनुसार)
  • कलम की कारीगरी समझने वाला लेखक:- बद्रीनारायण चौधरी’ प्रेमघन’ (आचार्य शुक्ल के अनुसार)

सखी का अवतार:-

  • हितू सखी का अवतार :- श्री भट्ट
  • विशाल सखी का अवतार :- हरिराम व्यास

शेक्सपियर :-

  • भारत का शेक्सपियर :- कालिदास
  • हिंदी का शेक्सपियर :- भारतेंदु
  • भोजपुरी का शेक्सपियर :- भिखारी ठाकुर

भारत:-

  • भारत प्रज्ञेन्दु :- नाथूराम शर्मा ‘शंकर’
  • भारतीय लूथर :- कबीर दास

डिक्टेटर:-

  • शब्दों का डिक्टेटर :- चंदबरदाई (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार)
  • भाषा का डिक्टेटर :- कबीर दास (आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के अनुसार)
  • आर्या के बादशाह:- गोवर्धन
  • गाथा के बादशाह :- हाल कवि
  • रूपको का बादशाह :- तुलसीदास (लाला भगवान दीन और बच्चनन सिंह के अनुसार)
  • अनुप्रास का बादशाह :- तुलसीदास (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार)
  • उत्प्रेक्षा के बादशाह :- तुलसीदास (डॉ. उदय भानु सिंह के अनुसार)
  • विरोधाभास का बादशाह :- घनानंद
  • उत्प्रेक्षा का बादशाहः- जायसी
  • उपमा के बादशाह :- देव
  • श्लेष का बादशाह :- सेनापति
  • प्रश्नोत्तरी शैली या संवाद शैली के बादशाह :- केशवदास
  • कवि सम्मेलनों के बादशाह :- गयाप्रसाद गुप्त
  • हरिगीतिका छंद के बादशाह :- मैथिलीशरण गुप्त

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