इंटरनेट की विशेषताएं और कमियां(internet ki visheshtayen aur kamiyan)

इंटरनेट माध्यम का इतिहास (History of Internet Media)

इंटरनेट को जनसंचार का न्यू मीडिया (New Media) या डिजिटल मीडिया भी कहा जाता है। यह जनसंचार के सभी पारंपरिक माध्यमों (प्रिंट, रेडियो, टीवी) का एक एकीकृत (Integrated) रूप है।
  • वैश्विक शुरुआत (1969): इंटरनेट की शुरुआत अमेरिकी रक्षा विभाग की एक परियोजना ARPANET (Advanced Research Projects Agency Network) से हुई। 1989 में टिम बर्नर्स-ली (Tim Berners-Lee) द्वारा WWW (World Wide Web) का आविष्कार किया गया, जिसने इंटरनेट को आम जनता के लिए सुलभ बनाया।
  • भारत में इंटरनेट का आगमन (1995): भारत में आम जनता के लिए इंटरनेट की औपचारिक शुरुआत 15 अगस्त 1995 को ‘विदेश संचार निगम लिमिटेड’ (VSNL) द्वारा की गई।
  • वेब पत्रकारिता और सोशल मीडिया (2000 के बाद): 21वीं सदी में स्मार्टफ़ोन, सस्ता इंटरनेट डेटा (जैसे 4G/5G) और सोशल मीडिया (YouTube, Facebook, X/Twitter) के आने से इंटरनेट जनसंचार का सबसे हावी माध्यम बन गया।

इंटरनेट की प्रमुख विशेषताएं

  1. मल्टीमीडिया संयोजन (Multimedia): इंटरनेट पर एक ही स्थान पर शब्द (Text), ध्वनि (Audio), स्थिर चित्र (Photos), और वीडियो (Video) का अद्भुत संयोजन मिलता है।
  2. अंतरक्रियात्मकता (Interactivity & Instant Feedback): यह दोतरफा संचार (Two-way Communication) है। पाठक या दर्शक केवल सूचना प्राप्तकर्ता नहीं होता; वह टिप्पणी (Comment), शेयर (Share) या लाइक करके तुरंत अपनी प्रतिक्रिया दे सकता है।
  3. तत्काल अपडेट (Real-time Updates / 24×7): किसी घटना के घटित होते ही उसकी जानकारी सेकंडों में पूरी दुनिया में पहुंच जाती है। यहाँ खबरें 24 घंटे लगातार अपडेट होती रहती हैं।
  4. असीमित भंडारण व हाइपरलिंकिंग (Unlimited Space & Archival): समाचार पत्रों या टीवी की तरह यहाँ स्थान या समय की सीमा नहीं होती। ‘हाइपरलिंक’ (Hyperlinks) के जरिए पुरानी खबरों, दस्तावेजों और संदर्भों तक तुरंत पहुंचा जा सकता है।
  5. वैश्विक पहुंच और वैयक्तिकरण (Global Reach & Personalization): इंटरनेट पर कोई भौगोलिक सीमा नहीं है। साथ ही, उपयोगकर्ता अपनी पसंद, भाषा और रुचि के अनुसार सामग्री (Customized Content) चुन सकता है।

इंटरनेट की प्रमुख कमियां (सीमाएं)

  1. फेक न्यूज और विश्वसनीयता का संकट: बिना किसी सख्त संपादकीय नियंत्रण (Gatekeeping) के कोई भी व्यक्ति जानकारी पोस्ट कर सकता है। इसके कारण अफवाहें, भ्रामक खबरें (Misinformation) और मॉर्फ्ड फोटो/वीडियो बहुत तेजी से फैलते हैं।
  2. डिजिटल डिवाइड (Digital Divide): यद्यपि इंटरनेट का प्रसार बढ़ा है, फिर भी तकनीकी उपकरणों (स्मार्टफोन/लैपटॉप) और उच्च गति इंटरनेट की अनुपलब्धता के कारण एक बड़ा वर्ग (विशेषकर ग्रामीण व आर्थिक रूप से कमजोर) इससे वंचित रह जाता है।
  3. सूचना का अतिप्रवाह (Information Overload): इंटरनेट पर सूचनाओं का अंबार है। इसमें से प्रामाणिक, उपयोगी और सही जानकारी छांटना आम उपयोगकर्ता के लिए काफी मुश्किल होता है।
  4. साइबर सुरक्षा व निजता का खतरा: डेटा चोरी, हैकिंग, साइबर बुलिंग (ऑनलाइन उत्पीड़न) और व्यक्तिगत गोपनीयता पर खतरा इंटरनेट की बड़ी चुनौतियां हैं।
  5. स्क्रीन एडिक्शन व स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं: इंटरनेट और सोशल मीडिया की लत के कारण युवाओं और बच्चों में मानसिक तनाव, नींद की कमी और ध्यान केंद्रित न कर पाने जैसी शारीरिक व मानसिक समस्याएं बढ़ रही हैं।

जनसंचार के चारों मुख्य माध्यमों का अंतिम सारांश

माध्यम मुख्य तत्व सबसे बड़ी ताकत सबसे बड़ी सीमा
प्रिंट शब्द व पृष्ठ गहन विश्लेषण व स्थायित्व साक्षरता की अनिवार्यता
रेडियो आवाज व ध्वनि सुलभता, सस्ता व पोर्टेबल दृश्य का न होना
टीवी दृश्य व शब्द जीवंतता व व्यापक प्रभाव सनसनीखेज की संभावना
इंटरनेट मल्टीमीडिया त्वरित अपडेट व इंटरैक्टिविटी फेक न्यूज व विश्वसनीयता का संकट

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