नागार्जुन का जीवन परिचय(nagarjun ka jeevan parichay)
1. साहित्यिक परिचय
- उन्होंने हिन्दी और मैथिली दोनों भाषाओं में महत्वपूर्ण साहित्य-सृजन किया।
- वे कवि, उपन्यासकार, कहानीकार, निबंधकार, जीवनीकार और बाल साहित्यकार के रूप में प्रसिद्ध हैं।
- उनके साहित्य में मुख्यतः ग्रामीण जीवन, किसान, मजदूर, निम्नवर्ग, शोषित एवं पीड़ित जनता का यथार्थ चित्रण मिलता है।
- हिन्दी में उनका नाम ‘नागार्जुन’, मैथिली में ‘यात्री’ तथा संस्कृत में ‘चाणक्य’ नाम से मिलता है।
- अन्य संदर्भों में उनके नाम वैद्यनाथ मिश्र, ठक्कन मिसिर और वैदेह भी मिलते हैं।
2. जन्म एवं परिवार
- नागार्जुन का वास्तविक नाम वैद्यनाथ मिश्र था।
- जन्म ननिहाल ग्राम सतलखा, जिला मधुबनी, मिथिला क्षेत्र में हुआ।
- उनका पैतृक गाँव तरौनी था।
- वे प्रसिद्ध मैथिल संस्कृत परिवार से संबंधित थे।
- पिता का नाम गोकुल मिश्र था।
- माता का नाम उमादेवी था।
- नागार्जुन का बचपन मिथिला के ग्रामीण वातावरण में बीता।
- निम्नवर्ग और सामान्य जनता के साथ उनके संपर्क ने उनके भीतर सामाजिक समानता की भावना पैदा की।
- बचपन के अनुभवों ने आगे चलकर उनके साहित्य को यथार्थवादी और जनपक्षधर बनाया।
3. शिक्षा-दीक्षा
शिक्षा का क्रम:-तरौनी → गनौली → काशी
- तरौनी में संस्कृत की प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त की।
- गनौली के संस्कृत विद्यालय में व्याकरण मध्यमा की शिक्षा ली।
- काशी जाकर संस्कृत में आचार्य परीक्षा उत्तीर्ण की।
- बाद में उन्होंने पालि और प्राकृत का अध्ययन किया।
4. विवाह एवं पारिवारिक जीवन
- लगभग उन्नीस वर्ष की आयु में उनका विवाह अपराजिता देवी से हुआ।
- उनके चार पुत्र और दो पुत्रियाँ होने का उल्लेख स्रोत में है।
- नागार्जुन का जीवन अत्यंत घुमक्कड़ था।
- उनका पारिवारिक जीवन गृहस्थ होते हुए भी काफी हद तक यायावर और स्वतंत्र रहा।
- लगभग 1930 के दशक में नागार्जुन श्रीलंका गए।
- वहाँ उन्होंने बौद्ध भिक्षुओं को संस्कृत के माध्यम से व्याकरण और दर्शन पढ़ाया।
- इसी काल में वे भिक्षु नागार्जुन नाम से प्रसिद्ध हुए।
- नागार्जुन कम्युनिस्ट पार्टी के सक्रिय सदस्य रहे।बाद में चीन द्वारा भारत पर आक्रमण किए जाने से उनका विश्वास प्रभावित हुआ।
- नागार्जुन को जनकवि कहा जाता है।
प्रेमचंद जैसी किसान-मजदूर के प्रति आत्मीयता + निराला जैसा फक्कड़पन + कबीर जैसी फटकार = नागार्जुन का व्यक्तित्व।
5.उपन्यास
उन्होंने कुल 12 उपन्यास लिखे—6 आंचलिक और 6 गैर-आंचलिक।
- रतिनाथ की चाची
- बलचनमा
- नई पौध
- बाबा बटेसरनाथ
- वरुण के बेटे
- दुःखमोचन
गैर-आंचलिक उपन्यास
- कुम्भीपाक
- हीरक जयंती / अभिनंदन
- उग्रतारा
- जमनिया का बाबा / इमरतिया
- पारो
- गरीबदास
6. प्रमुख कहानियाँ
- असमर्थदाता — पहली कहानी; 1935 में ‘विशाल भारत’ में प्रकाशित।
- विशाखा मृगारमाता — 1950।
- आसमान में चंदा तेरे — 1954।
कहानी-संग्रह :-आसमान में चंदा तेरे — 1982।
7. मैथिली साहित्य
मैथिली में नागार्जुन ‘यात्री’ नाम से लिखते थे।
मैथिली उपन्यास
- बलचनमा
- नवतुरिया
- पारो
हिन्दी में इनके रूपांतर—
- बलचनमा → बलचनमा
- नवतुरिया → नई पौध
- पारो → हिन्दी रूपांतर कुलानंद मिश्र द्वारा
मैथिली प्रमुख काव्य संग्रह
- चित्रा
- पत्रहीन नग्न गाछ
‘पत्रहीन नग्न गाछ’ के लिए नागार्जुन को साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
8. प्रमुख संस्कृत रचनाएँ
नागार्जुन को संस्कृत भाषा और साहित्य का गहरा ज्ञान था।उन्होंने ‘चाणक्य’ नाम से भी संस्कृत में लिखा।
- देशदशकम्
- श्रमिकदशकम्
- कृषकदशकम्
- धर्मालोकशतकम्
सिंहली भाषा में साहित्य :-श्रीलंका प्रवास के दौरान नागार्जुन ने सिंहली भाषा सीखी।सिंहली भाषा और लिपि में ‘धर्मालोकशतकम्’ नामक रचना की।
9.प्रमुख अनुवाद
- कालिदास — मेघदूत
- जयदेव — गीतगोविंद
- पृथ्वीवल्लभ
- चंद्रनाथ
10. प्रमुख पत्रिका
- दीपक — हिन्दी मासिक
- विश्वबंधू — साप्ताहिक
- कौमी बोली — हिन्दी मासिक
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| प्रश्न | उत्तर |
|---|---|
| वास्तविक नाम | वैद्यनाथ मिश्र |
| हिन्दी नाम | नागार्जुन |
| मैथिली नाम | यात्री |
| संस्कृत नाम | चाणक्य |
| प्रमुख पहचान | जनकवि एवं आंचलिक उपन्यासकार |
| प्रमुख क्षेत्र | कविता एवं उपन्यास |
| प्रमुख अंचल | मिथिला |
| उपन्यासों की संख्या | 12 |
| आंचलिक उपन्यास | 6 |
| गैर-आंचलिक उपन्यास | 6 |
| पहला आंचलिक उपन्यास | रतिनाथ की चाची |
| प्रमुख आंचलिक उपन्यास | बलचनमा |
| मैथिली उपन्यास | बलचनमा, नवतुरिया, पारो |
| मैथिली काव्य-संग्रह | चित्रा, पत्रहीन नग्न गाछ |
| संस्कृत उपनाम | चाणक्य |
| साहित्य अकादमी पुरस्कार | पत्रहीन नग्न गाछ |
| पहली कहानी | असमर्थदाता |
| प्रमुख बाल साहित्य | प्रेमचंद की जीवनी |
| प्रमुख जीवनी/लघु प्रबंध | एक व्यक्ति : एक युग |
| प्रमुख अनुवाद | मेघदूत, गीतगोविंद |
| प्रमुख वैचारिक आधार | समाजवादी यथार्थवाद |
| साहित्य की प्रमुख विशेषता | जनपक्षधरता और यथार्थवाद |
याद रखने का सबसे सरल सूत्र
नागार्जुन = वैद्यनाथ मिश्र + यात्री + चाणक्य + जनकवि + आंचलिक उपन्यासकार + समाजवादी यथार्थवाद + मिथिला + किसान-मजदूर।