जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय(jainendra kumar ka jeevan parichay)

जैनेंद्र कुमार का जीवन परिचय(jainendra kumar ka jeevan parichay)

1. सामान्य परिचय 

  • जन्म: 2 जनवरी 1905 ई.

  • जन्म स्थान: कौड़ियागंज गाँव, उत्तर प्रदेश

  • माता-पिता: माता — श्रीमती रमादेवी बाई; पिता का निधन जैनेंद्र जी के 2 वर्ष की अल्पायु में ही हो गया था

  • अभिभावक/संरक्षक: मामा भगवानदीन 

  • जीवन संगिनी: भगवती देवी (विवाह: 1929 ई.)

  • पूरा नाम व मूल नाम: जैनेंद्र कुमार (बचपन का घरेलू नाम: सकडुआ; पिता द्वारा दिया गया नाम: आनन्दीलाल)

  • नामकरण: गुरुकुल में प्रवेश के समय मामा भगवानदीन द्वारा ‘आनन्दीलाल’ से बदलकर ‘जैनेंद्र’ रखा गया

  • देहावसान: 24 दिसंबर 1988 ई.

2. शिक्षा एवं स्वतंत्रता संग्राम में सहभागिता

  • प्रारंभिक शिक्षा: गुरुकुल में आरंभिक अध्ययन; बाद में बिजनौर से 1919 में पंजाब प्रांत से प्राइवेट मैट्रिक परीक्षा उत्तीर्ण की

  • उच्च शिक्षा: काशी विश्वविद्यालय 

  • असहयोग आंदोलन (1920): गांधी जी के आह्वान पर कॉलेज छोड़कर आंदोलन में कूदे और जेल गए

  • झंडा सत्याग्रह (1923): नागपुर झंडा सत्याग्रह में भाग लिया; 3 माह का कारावास

  • साहित्यिक-राजनीतिक संपर्क: सुभद्राकुमारी चौहान के संपर्क में आकर कांग्रेस के अहमदाबाद अधिवेशन में भाग लिया

3. साहित्यिक यात्रा का आरंभ एवं संघर्ष

  • प्रथम गद्य-काव्य: ‘देश जाग उठा’ (आचार्य चतुरसेन शास्त्री के सहयोग से ‘अज्ञात’ उपनाम से माखनलाल चतुर्वेदी द्वारा संपादित ‘कर्मवीर’ में प्रकाशित)

  • प्रथम प्रकाशित कहानी: ‘खेल’ (1928) — बाबूराव विष्णु पराड़कर/रामानंद चट्टोपाध्याय के ‘विशाल भारत’ में प्रकाशित ।

  • प्रेमचंद से आत्मीय संबंध: जैनेंद्र जी ने कहानी ‘स्पर्श’ प्रेमचंद को भेजी। प्रेमचंद द्वारा मौलिकता पर संदेह जताने पर जैनेंद्र ने ‘अन्धे का भेद’ कहानी लिखकर भेजी, जिसे प्रेमचंद ने ‘हंस’ के विशेषांक में प्रमुखता से छापा

4. प्रमुख रचना

(i) उपन्यास साहित्य (मनोवैज्ञानिक उपन्यास परंपरा के प्रवर्तक)

जैनेंद्र कुमार ने हिन्दी उपन्यास को बाह्य यथार्थ और सामाजिक घटनाओं से मोड़कर मानव मन की अंतर्गुथियों, नारी-पुरुष संबंधों एवं मनोवैज्ञानिक विश्लेषण की ओर प्रवृत्त किया

क्र.सं. उपन्यास का नाम प्रकाशन वर्ष मुख्य विषय / विशेष तथ्य 
1 परख 1929 प्रथम उपन्यास (मनोवैज्ञानिक धरातल पर आधारित)
2 सुनीता 1935 नारी मनोविज्ञान व क्रांतिकारी पृष्ठभूमि का द्वंद्व
3 त्यागपत्र 1937 मृणाल के आत्म-पीड़न एवं सामाजिक नैतिकता का मनोवैज्ञानिक अंकन
4 कल्याणी 1940 दांपत्य जीवन के असंतुलन व नारी अस्मिता का चित्रण
5 सुखदा 1952 ‘धर्मयुग’ में धारावाहिक रूप में प्रकाशित
6 विवर्त 1953 पुरुष मनोविज्ञान व अंतर्द्वंद्व पर केंद्रित उपन्यास
7 व्यतीत 1953 प्रथम रेडियो उपन्यास (आकाशवाणी दिल्ली की प्रेरणा से)
8 जयवर्धन 1956 सबसे वृहदाकार राजनीतिक-दार्शनिक उपन्यास (रूस यात्रा के बाद)
9 मुक्तिबोध 1965 राजनीतिक अवसरवादिता व पाखंड पर प्रहार (साहित्य अकादमी पुरस्कृत)
10 अनन्तर 1968 रेडियो उपन्यास शिल्प पर आधारित
11 अनामस्वामी 1974 चरित्र-गठन एवं गांधीवादी जीवन-दर्शन से संपृक्त
12 दशार्क 1985 अंतिम उपन्यास (स्त्री-सशक्तिकरण पर बल)

(ii) कहानी संग्रह

  • फाँसी (1929 – प्रथम कहानी संग्रह)

  • पाजेब (1948)

  • ध्रुवयात्रा (1949)

  • जय संन्धी (1950)

(iii) निबंध संग्रह और आलोचनात्मक ग्रंथ

  • जड़ की बात (1945 )

  • पूर्वोदय (1950)

  • सोचविचार (1952)

  • समय और हम (1960)

  • इतस्ततः (1962)

  • परिप्रेक्ष्य (1965)

  • राष्ट्र और राज्य (1965)

  • प्रश्न और प्रश्न (1966)

  • प्रेमचन्द: कृतित्व-व्यक्तित्व (1967)

  • कहानी: अनुभव और शिल्प (1967)

  • अकालपुरुष गाँधी (1968 – प्रसिद्ध वैचारिक/जीवनीपरक ग्रंथ)

  • समय समस्या और सिद्धांत (1971)

  • बंगलादेश: एक यक्ष प्रश्न (1972)

  • वृत्त विहार (1972)

(iv) संस्मरण एवं यात्रा-वृत्तांत :- कश्मीर की वह यात्रा (1968 – यात्रा संस्मरण)

5. पुरस्कार एवं सम्मान

  • साहित्य अकादमी पुरस्कार: 1966 ई. में उपन्यास ‘मुक्तिबोध’ (1965) के लिए

  • पद्म भूषण: 1970 ई. में भारत सरकार द्वारा

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