पूर्वी हिंदी की बोलियाँ(purvi hindi ki boliyan)

 पूर्वी हिंदी की बोलियाँ

पूर्वी हिंदी का विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है। यह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के पूर्वी भागों में बोली जाती है।

पूर्वी हिंदी के अंतर्गत तीन मुख्य बोलियाँ आती हैं, जिन्हें याद रखने के लिए एक सरल सूत्र ABC (A – अवधी, B – बघेली, C – छत्तीसगढ़ी) का प्रयोग किया जाता है।

1. अवधी (Awadhi)

  • परिचय : अवधी पूर्वी हिंदी की सबसे समृद्ध और महत्वपूर्ण साहित्य-सृजन वाली बोली है। इसका नाम ‘अयोध्या’ (अवध) क्षेत्र के नाम पर पड़ा। मध्यकाल में अवधी साहित्य की प्रमुख भाषा रही है, जिसमें सूफी काव्य और भक्ति काव्य की महान रचनाएँ हुईं।

  • साहित्यिक योगदान :

    • मलिक मोहम्मद जायसी का महाकाव्य ‘पदमावत’

    • गोस्वामी तुलसीदास का प्रसिद्ध भक्ति महाकाव्य ‘रामचरितमानस’ (अवधी की बैसवाड़ी शैली में)।

  • प्रमुख क्षेत्र :

    • उत्तर प्रदेश : अयोध्या, लखनऊ, रायबरेली, सुल्तानपुर, प्रतापगढ़, जौनपुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, गोंडा, बस्ती, श्रावस्ती और अंबेडकर नगर।

2. बघेली (Bagheli)

  • परिचय : रीवा और आसपास के क्षेत्र को ऐतिहासिक रूप से ‘बघेलखंड’ कहा जाता था, जिसके कारण यहाँ की बोली का नाम ‘बघेली’ पड़ा। भाषावैज्ञानिक दृष्टि से बघेली को अवधी की ही एक दक्षिणी / क्षेत्रीय शाखा माना जाता है। इसमें लोक साहित्य प्रचुर मात्रा में उपलब्ध है।

  • प्रमुख क्षेत्र :

    • मध्य प्रदेश : रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर।

    • उत्तर प्रदेश : बांदा, चित्रकूट और मिर्जापुर के कुछ सीमावर्ती क्षेत्र।

3. छत्तीसगढ़ी (Chhattisgarhi)

  • परिचय : छत्तीसगढ़ राज्य की प्रमुख बोली होने के कारण इसे ‘छत्तीसगढ़ी’ कहा जाता है। इसे ‘लारिया’ या ‘खलताही’ नाम से भी जाना जाता है। इसमें लोकगीत (जैसे— पंडवानी, भरथरी) और लोककथाओं की बहुत समृद्ध मौखिक परंपरा है। वर्तमान में इसे राज्य की आधिकारिक भाषाओं में विशेष स्थान प्राप्त है।

  • प्रमुख क्षेत्र :

    • छत्तीसगढ़ : रायपुर, दुर्ग, भिलाई, बिलासपुर, रायगढ़, राजनांदगांव, जांजगीर-चंपा, कबीरधाम (कवर्धा) और धमतरी।

    • मध्य प्रदेश / ओडिशा : बालाघाट (म.प्र.) और संबलपुर (ओडिशा) के सीमावर्ती क्षेत्र।

संक्षिप्त तुलनात्मक सारांश

बोली उद्भव / आधार मुख्य साहित्यिक पहचान प्रमुख केंद्र / क्षेत्र
अवधी अवध क्षेत्र (अर्धमागधी) रामचरितमानस, पदमावत अयोध्या, लखनऊ, गोंडा, प्रतापगढ़
बघेली बघेलखंड लोक साहित्य और लोकगाथाएँ रीवा, सतना, सीधी, शहडोल
छत्तीसगढ़ी छत्तीसगढ़ अंचल पंडवानी, लोकगीत एवं लोककला रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग, कबीरधाम

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