ज्ञापन (Memorandum / Memo) – नियम एवं प्रारूप प्रशासनिक पत्राचार में ‘ज्ञापन’ (Memorandum / Memo) का प्रयोग एक विभाग से दूसरे विभाग को सूचना देने, अधीनस्थ कर्मचारियों को निर्देशित करने अथवा पूर्व में भेजे गए पत्र की याद दिलाने हेतु किया जाता है। 1. संरचना और प्रारूप (Structure & Format) कार्यालय का नाम व पता : पृष्ठ के सबसे ऊपर ...
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कार्यालय ज्ञापन (O.M.) तथा सामान्य ज्ञापन में अंतर(karyalay gyapan atha samanya gyapan mein antar)
कार्यालय ज्ञापन (O.M.) तथा सामान्य ज्ञापन में अंतर प्रशासनिक पत्राचार में ‘कार्यालय ज्ञापन (Office Memorandum)’ और ‘सामान्य ज्ञापन (Memorandum / Memo)’ दोनों ही ज्ञापन श्रेणी के प्रारूप हैं, किन्तु इनके प्रयोग क्षेत्र, उद्देश्य और प्रेषिती (पाने वाले) में स्पष्ट अंतर होता है। 1. प्रेषण क्षेत्र और अंतर-विभागीय संबंध (Scope & Relation) कार्यालय ज्ञापन : इसका प्रयोग मुख्य रूप से अंतर-मंत्रालयी ...
Read More »अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum) के प्रारूपों में मुख्य अंतर
अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum) के प्रारूपों में मुख्य अंतर अधिसूचना (Notification) और ज्ञापन (Memorandum / Memo) दोनों ही प्रशासनिक पत्राचार के अति महत्वपूर्ण प्रारूप हैं। यद्यपि दोनों में ही ‘महोदय’ और ‘भवदीय’ जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं होता तथा दोनों ही ‘अन्य पुरुष’ शैली में लिखे जाते हैं, लेकिन इनके प्रारूप (Format) में कई बुनियादी अंतर होते हैं। ★ ...
Read More »अधिसूचना (Notification) और परिपत्र (Circular) में प्रमुख अंतर
अधिसूचना (Notification) और परिपत्र (Circular) दोनों ही प्रशासनिक पत्राचार के अति महत्वपूर्ण प्रारूप हैं। यद्यपि दोनों का उद्देश्य व्यापक स्तर पर सूचना प्रेषित करना होता हैं, किंतु इनके वैधानिक महत्व, जारी करने के उद्देश्य, प्रेषण क्षेत्र और प्रारूप में मूलभूत अंतर होता है। ★ दोनों के बीच के प्रमुख अंतर निम्नलिखित हैं: 1. वैधानिक स्थिति और राजपत्र (Gazette) में प्रकाशन ...
Read More »अधिसूचना (Notification)
अधिसूचना (Notification) अधिसूचना (Notification) शासकीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और सर्वोपरि वैधानिक (Legal) दस्तावेज है। इसका प्रयोग राज्य सरकार या केंद्र सरकार द्वारा आम जनता, मातहत विभागों और न्यायालयों को किसी कानून, अधिकार या नीतिगत निर्णय की आधिकारिक जानकारी देने के लिए किया जाता है। 1. अधिसूचना का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: “अधिसूचना” शब्द दो ...
Read More »अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter)
अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter) अर्ध-सरकारी पत्र (Demi-Official Letter / D.O. Letter) प्रशासनिक पत्राचार का एक विशिष्ट और महत्वपूर्ण प्रारूप है। इसका प्रयोग तब किया जाता है जब दो सरकारी अधिकारियों के बीच किसी प्रशासनिक कार्य को शीघ्रता से निपटाने या व्यक्तिगत ध्यान आकर्षित करने की आवश्यकता होती है। 1. शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: “अर्ध-सरकारी” का ...
Read More »इंटरनेट पत्रकारिता (Internet Journalism)
इंटरनेट पत्रकारिता (Internet Journalism) इंटरनेट पत्रकारिता (जिसे वेब पत्रकारिता, ऑनलाइन पत्रकारिता या ई-पत्रकारिता भी कहा जाता है) 21वीं सदी का सबसे तेज़ी से उभरता और लोकप्रिय जनसंचार माध्यम है। 1. इंटरनेट पत्रकारिता का अर्थ एवं परिभाषा अर्थ : इंटरनेट के माध्यम से समाचारों, सूचनाओं, विचारों और दृश्यों का संकलन, संपादन, लेखन एवं जन-समूह तक प्रकाशन या प्रसारण करना ‘इंटरनेट पत्रकारिता’ ...
Read More »ज्ञापन (Memorandum / Memo)
ज्ञापन (Memorandum / Memo) सरकारी और प्रशासनिक पत्राचार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण, व्यावहारिक और प्रमाणिक रूप है। इसका प्रयोग शासकीय और गैर-शासकीय कार्यालयों में दैनिक कामकाज के संचालन के लिए बहुलता से किया जाता है। 1. ज्ञापन का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: ‘ज्ञा’ (जानना / ज्ञापित कराना) धातु से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है – ‘स्मरण दिलाना’, ...
Read More »निविदा (Tender) का अर्थ, उद्देश्य, प्रकार व प्रक्रिया(nivida (Tender) ka arth, uddeshya, prakar va prakriya)
निविदा (Tender) का अर्थ, उद्देश्य, प्रकार व प्रक्रिया 1. निविदा का शाब्दिक अर्थ और परिभाषा शाब्दिक अर्थ: ‘निविदा’ शब्द का शाब्दिक अर्थ होता है – ‘निवेदन करना’, ‘प्रस्ताव देना’ या ‘सशर्त मूल्य प्रस्ताव जमा करना’। अंग्रेज़ी में इसे Tender या Quotations Call कहा जाता है। परिभाषा: किसी सरकारी, अर्ध-सरकारी या निजी संस्थान द्वारा अपने किसी निर्माण कार्य (Construction Work), सामग्री ...
Read More »विज्ञप्ति (vigyapti/Press Release)
विज्ञप्ति (vigyapti/Press Release) ‘विज्ञप्ति’ सरकारी, प्रशासनिक और संस्थागत पत्राचार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और औपचारिक रूप है। 1. विज्ञप्ति का शाब्दिक अर्थ ‘विज्ञप्ति’ शब्द संस्कृत की ‘ज्ञा’ धातु में ‘वि’ (विशेष) उपसर्ग लगने से बना है। इसका शाब्दिक अर्थ है — “विशेष रूप से जानकारी देना”, “सूचना देना” या “सार्वजनिक घोषणा करना”। अंग्रेजी में इसे Communiqué या Press Note कहा ...
Read More »देवनागरी लिपि के गुण एवं सीमाएँ(devnagri lipi ke gun evam seemaen)
देवनागरी लिपि के गुण एवं सीमाएँ देवनागरी लिपि विश्व की सबसे वैज्ञानिक, व्यवस्थित और परिमार्जित लिपियों में मानी जाती है। हालाँकि, प्रत्येक लिपि की तरह इसमें जहाँ अनेक अद्भुत गुण हैं, वहीं आधुनिक युग (विशेषकर टाइपिंग, डिजिटल प्रिंटिंग और त्वरित लेखन) की दृष्टि से इसकी कुछ व्यावहारिक सीमाएँ भी हैं। देवनागरी लिपि के प्रमुख गुण (Advantages) 1. पूर्णतः वैज्ञानिक और ...
Read More »मानक देवनागरी लिपि और हिंदी वर्तनी के प्रमुख नियम(manak devnagri lipi aur hindi vartani ke pramukh niyam)
मानक देवनागरी लिपि और हिंदी वर्तनी के प्रमुख नियम केंद्रीय हिंदी निदेशालय (शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार) ने देवनागरी लिपि और वर्तनी में एकरूपता, स्पष्टता और वैज्ञानिकता लाने के लिए मानक हिंदी वर्तनी के विस्तृत नियम निश्चित किए हैं। इन नियमों का मुख्य उद्देश्य मुद्रण (Printing), कंप्यूटर टाइपिंग, प्रकाशन और पठन-पाठन में होने वाले भ्रम को दूर करना है। 1. संयुक्त ...
Read More »देवनागरी लिपि अर्थ विकास उपनाम प्रयोग एवं विशेषताएँ
देवनागरी लिपि: अर्थ, विकास, उपनाम, प्रयोग एवं विशेषताएँ देवनागरी लिपि भारत की सबसे प्रमुख और वैज्ञानिक लिपि है। यह न केवल हिंदी, बल्कि संस्कृत, मराठी, नेपाली, मैथिली, कोंकणी जैसी कई प्रमुख भाषाओं को लिखने का माध्यम है। 1. देवनागरी लिपि का अर्थ ‘देव + नागरी’ : दो शब्दों के मेल से बना है – ‘देव’ + ‘नागरी’। नगर / नागर ...
Read More »पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ (pashchimi hindi ki boliyan)
पश्चिमी हिंदी की बोलियाँ (शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित) पश्चिमी हिंदी (शौरसेनी अपभ्रंश से विकसित) के अंतर्गत मुख्य रूप से 5 बोलियाँ (या उपभाषाएँ) आती हैं। इन्हें याद रखने और समझने की सुविधा के लिए दो वर्गों में बाँटा जाता है: 1. आकार-बहुल बोलियाँ (जिनमें ‘आ’ की ध्वनि अधिक होती है) खड़ी बोली (कौरवी) : यह आधुनिक मानक हिंदी, उर्दू और ...
Read More »पूर्वी हिंदी की बोलियाँ(purvi hindi ki boliyan)
पूर्वी हिंदी की बोलियाँ पूर्वी हिंदी का विकास अर्धमागधी अपभ्रंश से हुआ है। यह मुख्य रूप से मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के पूर्वी भागों में बोली जाती है। पूर्वी हिंदी के अंतर्गत तीन मुख्य बोलियाँ आती हैं, जिन्हें याद रखने के लिए एक सरल सूत्र ABC (A – अवधी, B – बघेली, C – छत्तीसगढ़ी) का प्रयोग किया ...
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