इंटरनेट पत्रकारिता (Internet Journalism)
इंटरनेट पत्रकारिता (जिसे वेब पत्रकारिता, ऑनलाइन पत्रकारिता या ई-पत्रकारिता भी कहा जाता है) 21वीं सदी का सबसे तेज़ी से उभरता और लोकप्रिय जनसंचार माध्यम है।
1. इंटरनेट पत्रकारिता का अर्थ एवं परिभाषा
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अर्थ : इंटरनेट के माध्यम से समाचारों, सूचनाओं, विचारों और दृश्यों का संकलन, संपादन, लेखन एवं जन-समूह तक प्रकाशन या प्रसारण करना ‘इंटरनेट पत्रकारिता’ कहलाता है।
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प्रमुख विशेषताएँ :
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द्विमार्गी (Interactive) : इसमें पाठक/दर्शक अपनी प्रतिक्रिया (Feedback) तुरंत दे सकता है।
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सुपर-फ़ास्ट एवं रियल-टाइम : घटना घटित होते ही खबरें सेकंडों में विश्व भर में पहुँच जाती हैं।
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मल्टीमीडिया का संगम : इसमें एक ही स्क्रीन पर टेक्स्ट (लिखित शब्द), ऑडियो (ध्वनि), वीडियो (दृश्य) और ग्राफिक्स का एक साथ संयोजन मिलता है।
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2. इंटरनेट पत्रकारिता का विश्व में इतिहास (विकास के चरण)
विश्व स्तर पर इंटरनेट पत्रकारिता का विकास तीन चरणों में हुआ है:
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पहला चरण (1982 से 1992) :
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यह इंटरनेट का शुरुआती दौर था। इस दौरान मुख्य रूप से प्रयोग (Experiments) किए गए।
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इसमें ‘अमेरिका ऑनलाइन’ (AOL) जैसी कंपनियों ने मुद्रित समाचार पत्रों की सामग्री को डिजिटल रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया।
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दूसरा चरण (1993 से 2001) :
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वेबसाइटों का आगमन : 1993 में ‘वर्ल्ड वाइड वेब’ (www) के आने के बाद वास्तविक इंटरनेट पत्रकारिता की शुरुआत हुई।
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समाचार पत्रों की वेबसाइटें : ‘द न्यू यॉर्क टाईम्स’, ‘द वाशिंगटन पोस्ट’ और ‘द गार्डियन’ जैसे बड़े समाचार पत्रों ने अपनी स्वतंत्र न्यूज़ साइट्स बनाईं।
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तीसरा चरण (2002 से अब तक) :
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यह इंटरनेट पत्रकारिता का परिपक्व (Mature) दौर है। इसमें न्यूज़ पोर्टल्स के साथ-साथ ब्लॉग्स, सोशल मीडिया, यूट्यूब और न्यूज़ ऐप्स के माध्यम से पत्रकारिता का अत्यधिक विस्तार हुआ है।
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3. भारत में इंटरनेट पत्रकारिता का इतिहास एवं विकास
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A. पहला दौर (1993 से 2002) :
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भारत में इंटरनेट की औपचारिक शुरुआत 15 अगस्त 1995 को VSNL (विदेश संचार निगम लिमिटेड) द्वारा की गई।
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इस चरण में भारत के पारंपरिक समाचार पत्रों (जैसे- ‘द हिंदू’, ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’, ‘दैनिक भास्कर’) ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए अपनी खबरें इंटरनेट पर ई-पेपर (E-paper) के रूप में अपलोड करना शुरू किया।
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B. दूसरा दौर (2002 से अब तक) :
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2002 के बाद भारत में इंटरनेट की गति (Speed) बढ़ी और यह आम जनता तक पहुँचा।
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डॉट कॉम (.com) क्रांति के बाद बड़ी संख्या में केवल वेब हेतु न्यूज़ पोर्टल्स और डिजिटल न्यूज़ प्लेटफ़ॉर्म्स लॉन्च हुए।
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4. हिंदी में इंटरनेट पत्रकारिता का विकास
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वेबदुनिया (Webdunia) : इंदौर के ‘नई दुनिया’ समूह द्वारा शुरू की गई ‘वेबदुनिया’ (
[www.webdunia.com](https://www.webdunia.com)) भारत की पहली हिंदी न्यूज़ पोर्टल मानी जाती है। -
प्रमुख समाचार पत्रों के डिजिटल संस्करण : ‘दैनिक जागरण’, ‘दैनिक भास्कर’, ‘राजस्थान पत्रिका’ और ‘अमर उजाला’ ने अपने विशाल डिजिटल पोर्टल्स विकसित किए, जो आज करोड़ों पाठकों द्वारा पढ़े जाते हैं।
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हिंदी फॉन्ट की समस्या का समाधान : प्रारंभ में हिंदी पत्रकारिता के सामने ‘अमानक फॉन्ट’ (Non-standard fonts) की बड़ी समस्या थी। लेकिन यूनिकोड (Unicode) के आने के बाद हिंदी में टाइपिंग और इंटरनेट पठन-पाठन बेहद सरल और सर्वग्राही हो गया।
संक्षिप्त सारांश (At a Glance)
| पहलू | मुख्य बिंदु |
| विश्व में शुरुआत | 1982 में प्रयोग, 1993 (www के बाद) से वास्तविक शुरुआत। |
| भारत में इंटरनेट | 15 अगस्त 1995 (VSNL द्वारा)। |
| पहला हिंदी वेब पोर्टल | वेबदुनिया (Webdunia)। |
| हिंदी का वरदान | यूनिकोड (Unicode) फॉन्ट तकनीक। |