Author Archives: Puran Mal Kumhar

विरूपा का परिचय(Virupa ka parichay)

                        🌺 विरूपा का परिचय 🌺 * विरूपा का समय-: संवत् 900 के लगभग( आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार ) * विरूपा के तीन नाम -: विरूपा,काल विरूपा और धर्मपाल भी थे और ये नालंदा ओडियान तथा चीन में भी प्रकट हुए थे ।(तारानाथ के अनुसार) * तंजूर में ...

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कण्हपा का परिचय(Kanhapa ka parichay)

🌺कण्हपा का परिचय🌺 * कण्हपा का समय :- संवत् 900 के उपरांत (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार) * कण्हपा का समय :- 820 ईस्वी में , कर्नाटक के ब्राह्मण वंश में (डॉ. नगेंद्र के अनुसार) * कहण्पा का समय :- 1199 ई.( डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार ) * कण्हपा का जन्म :- उड़ीसा में ( तारा नाथ के अनुसार) ...

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डोम्भिपा का परिचय (Dombhipa ka parichay)

🌺डोम्भिपा का परिचय 🌺 • डोम्भिपा का जन्म :- मगध के क्षेत्रीय वंश के 840 ईस्वी में लगभग। • इन्होंने विरूपा से दीक्षा ली। • डोम्भिपा के द्वारा रचित 21 ग्रंथ है।   • इनमें प्रमुख ग्रंथ है :- 1. डोम्बिपागीतिका 2. योगचर्या 3. अक्षरद्विकोपदेश • डोम्भिपा की पंक्तियां :- ” गंगा जउना माझेरे बहर नाइ। तांहि बुड़िली मातंगि पोइआली ...

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लुईपा का परिचय( Luipa ka parichay)

              🌺लुईपा का परिचय🌺 * लुईपा को तंजूर में भांगाली कहा गया है जिसके आधार पर म.म. हरप्रसाद शास्त्री तथा डॉ. विनीयतोष भट्टाचार्य इन्हें राठ देश के निवासी बंगाली कहते हैं किंतु राहु सांकृत्यायन ने भगांला से भागलपुर का प्रदेश का अर्थ लिया है। वे इन्हे मगधवासी कहते हैं। राजा धर्मपाल के दरबार में ...

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शबरपा का परिचय(Shabarpa ka parichay)

 🌺शबरपा का परिचय(Shabarpa ka parichay)🌺 * शबरपा का जन्म -: 780 ईस्वी में,क्षत्रिय कुल में(डॉ. नगेंद्र के अनुसार) * शबरपा को “नव सराय” नाम तारानाथ ने दिया। * यह सरहपा की शिष्य परंपरा के तीसरे थे। * भांगल या बंगाल देश के थे। (सुम्प म्खन पो के अनुसार) * पूर्व भारत के एवं नर्तक जाति के (तारा नाथ के अनुसार ...

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पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं (puraskar paane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय   2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री   3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में)   4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, ...

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पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं(puraskar pane vali pratham mahilaen)

🌺 पुरस्कार पाने वाली प्रथम महिलाएं 🌺 1. *बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम महिला :- अरुंधति रॉय 2. *अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज जीतने वाली प्रथम महिला :- गीतांजलि श्री 3. पद्म विभूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- अमृता प्रीतम (दिल्ली, 2004 में) 4. पद्म भूषण पुरस्कार (हिन्दी) पाने वाली प्रथम महिला :- महादेवी वर्मा (उत्तर प्रदेश, 1956ई.) 5. पद्मश्री ...

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वे रचनाऐं जिन पर फिल्में बनायी गई( ve rachanaye jin par film banayi gyi)

भारतेंदु युग में लिखी गई कई रचनाएं थीं, जिन पर फिल्में बनाई गई हैं और उनका बहुत अच्छा प्रदर्शन हुआ है। यहाँ कुछ ऐसी रचनाएँ हैं जिन पर फिल्में बनी हैं: “भारतेंदु हरिश्चंद्र”: यह फिल्म भारतेंदु हरिश्चंद्र के जीवन पर आधारित है, जो भारतीय साहित्य के इस काल के महान कवि थे। “सत्यवादी हरिश्चंद्र”: इस फिल्म में भारतेंदु हरिश्चंद्र की ...

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लिंग की परिभाषा और हिन्दी में लिंग के प्रकार(definition of gender and types of gender in hindi)

    🌺 लिंग 🌺 * लिंग :- शब्द के जिस रूप या चिह्न से उसके पुरुष अथवा स्त्री जाति के होने का बोध हो, उसे लिंग कहते हैं। ◆ लिंग के भेद:- हिंदी में लिंग के दो भेद होते हैं: पुल्लिंग स्त्रीलिंग पुल्लिंग :- शब्द के जिस रूप या चिह्न से उसके पुरुषवाचक होने का बोध हो, उसे पुल्लिंग ...

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अमीर खुसरो(ameer khusaro) का जीवन परिचय

• जन्म 1255ई. मृत्यु – 1324ई. • जन्म स्थान – एट जिला पटयाली गाँव(उत्तरप्रदेश) • अमीर खुसरो के पूर्वज तुर्की थे और बलखट देश से भारत आए थे। • 13वीं शताब्दी में जब दिल्ली पर गुलाम वंश का शासन था तब अमीर खुसरो के पिता बलख हजारा (बैक्ट्रिया) से भागकर भारत आ गए तथा एटा जिला के पटियाली नामक ग्राम ...

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आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी के आलोचनात्मक ग्रंथ(Acharya Hazari Prasad Dwivedi ke aalochanatmak granth)

🌺आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की प्रमुख आलोचनात्मक कृतियाँ🌺 ◆ सूर साहित्य (1930 ई.) ◆ हिन्दी साहित्य की भूमिका (1940 ई.) ◆ कबीर उदात्त (1941 ई.) ◆ हिन्दी साहित्य का आदिकाल (1952 ई.) ◆ सहज साधना (1963 ई.) ◆ कालिदास की लालित्य योजना (1965 ई.) ◆ मध्यकालीन बोध का स्वरूप (1970 ई.)   🌺हजारी प्रसाद द्विवेदी भारतीय साहित्य के प्रसिद्ध और ...

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नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक ग्रंथ(nandadulare vajapeyi ke aalochanatmak granth)

⭐ नंददुलारे वाजपेयी के आलोचनात्मक ग्रंथ⭐ ◆ जयशंकर प्रसाद (1940 ई.)   ◆ साहित्य : बीसवीं शताब्दी (1942 ई.)   ◆ प्रेमचंद, आधुनिक साहित्य (1950 ई.)   ◆ महाकवि सूरदास (1952 ई.)   ◆ नया साहित्य : नये प्रश्न (1955 ई.)   ◆ महाकवि निराला (1965 ई.)   ◆ नयी कविता (1973 ई.)   ◆ कवि सुमित्रानंदन पंत (1976 ई.) ...

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प्रयोगवाद का परिचय[prayogavad ka parichay]

◆ प्रयोगवाद का परिचय ◆ ◆ ‘प्रयोग’ का सामान्य अर्थ :- इस्तेमाल करना है, जैसे ‘खाने में सरसों के तेल का प्रयोग लाभप्रद होता है।’ ◆ साहित्य में प्रयोगवाद तार सप्तक’ (1943) में विशिष्ट अर्थ में प्रयुक्त हुआ। ◆ छायावादी काव्यान्दोलन और प्रगतिवादी काव्यान्दोलन की तरह प्रयोगवादी आन्दोलन भी मुख्यतः काव्य तक ही सीमित रहा। ◆ ‘तार सप्तक’ में अज्ञेय ...

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पंच बिड़ाल क्या है?[panch bidal kya hai ]

🌺पंच बिड़ाल क्या है?[What is Panch Bidal?] 🌺 बौद्ध शास्त्रों में निरूपित पंच प्रतिबंध(panch pratibandh) :- 1. आलस्य :- आलस्य का तात्पर्य – कार्यों, गतिविधियों या जिम्मेदारियों के प्रति प्रयास या ऊर्जा लगाने से बचने या विरोध करने की प्रवृत्ति से है। इसमें प्रेरणा की कमी, विलंब और उत्पादक कार्यों की तुलना में आलस्य या विश्राम को प्राथमिकता देना शामिल ...

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प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय[prapadyavad/nakenavad ka parichay]

⭐प्रपद्यवाद /नकेनवाद का परिचय⭐ ◆ स्थापना :- 1956 ई. में, नलिन विलोचन शर्मा ने ◆ नकेनवाद को प्रपद्यवाद के नाम से भी जाना जाता है। ◆ इसे हिन्दी साहित्य में प्रयोगवाद की एक शाखा माना जाता है। ◆ इसके अन्तर्गत बिहार के तीन कवियों को शामिल किया जाता है:- 1. नलिन विलोचन शर्मा 2. केशरी कुमार 3. नरेश कुमार ★ ...

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