•”प्रियप्रवास” शब्द संस्कृत भाषा का है और इसका अर्थ होता है “प्रिय” (अर्थात् प्रिय या प्यारा) और “प्रवास” (अर्थात् यात्रा)। इस शब्द का अर्थ होता है “प्यारे या प्रिय के साथ यात्रा”। •रचयिता :- अयोध्या सिंह उपाध्याय हरिऔध • महाकाव्य • हिंदी खड़ी बोली में लिखा गया हिंदी का प्रथम महाकाव्य • शैली :- भिन्न तुकांत शैली में • भाषा ...
Read More »Author Archives: Puran Mal Kumhar
अरस्तु का विरेचन सिद्धांत(arastu ka virechan siddhant)
प्लेटो के अनूठी सिद्धांत का विरोध करने वाला सिद्धांत- अरस्तु का विरेचन सिद्धांत। • विरेचन का उद्देश्य – आनंदप्रद राहत । • विरेचन की प्रथम बार चर्चा- पोयटिक्स के 6वे अध्याय में । • विरेचन की दूसरी बार चर्चा -राजनीति शास्त्र के भाग 8 के अध्याय 7 में संगीत के अध्ययन के उद्देश्य के अंतर्गत। • यूनानी शब्द कथार्सिस जिसका ...
Read More »अरस्तु का त्रासदी सिद्धांत(arastu ka trasadi siddhant)
• त्रासदी का सर्वप्रथम विवेचन : – यूनान में। • त्रासदी का गंभीर एवं विशद् विवेचन सर्वप्रथम :-अरस्तु ने। • त्रासदी का विषय(अरस्तु के अनुसार) :- केवल गंभीर कार्य की अनुकृति • त्रासदी के तत्व :- (i) कथावस्तु या कथानक (त्रासदी का प्रमुख तत्व) (ii) चरित्र (iii) विचार तत्व (iv) पदावली(अनुकरण के माध्यम) (v) दृश्य विधान(अनुकरण की पद्धति) (vi) संगीत ...
Read More »प्लेटो का काव्य सिद्धांत(pleto ka kavy siddhant)
• कवि की प्रतिभा को ईश्वर की देन।( यह पूर्व युग में माना) • काव्य रचना को देवी प्रेरणा का परिणाम।( यह पूर्व युग में माना) • प्लेटो ने बौद्धिक आनंद स्वीकारा । • प्लेटो ने ऐन्द्रिय आनंद को स्वीकार नहीं किया। • सामान्य (विश्व जनिन) सत्य को सत्य मानना कविता के सत्य को नहीं माना। • वस्तु जगत प्रत्यय ...
Read More »सिद्ध साहित्य का सम्पूर्ण परिचय(siddh sahity ka sampoorn parichay)
सिद्ध साहित्य का समय:– 8 वीं शताब्दी से 13 वीं शताब्दी तक। [ ] सिद्ध साहित्य का कार्यक्षेत्र :- • बंगाल, असम, उड़ीसा बिहार ।(डॉ. नगेन्द्र के अनुसार) • जालंधर, ओडियान,अर्बुद,पूर्वगिरी ,कामरूप। ( प्रकाश बगीची के अनुसार ) • ओडियान, पूर्णगिरि ,कामाख्या (साधनमाला में) [ ] सिद्ध साधना के केंद्र :- • नालंदा विश्वविद्यालय(बिहार के राजगीर जिले में, • स्थापना ...
Read More »प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास(pratham evan prasiddh upanyas)
प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास क्र.स उपन्यास प्रथम एवं प्रसिद्ध उपन्यास 1. श्रद्धाराम फिल्लौरी भाग्यवती(प्रका. 1877 प्रसिद्ध उपन्यास) 2. लाल श्रीनिवास दास परीक्षा गुरू(प्रका. 1882, प्रसिद्ध उपन्यास) 3. किशोर लाल गोस्वामी हृदयहारिणी (प्रका. 1904, हिन्दी का प्रथम ऐतिहासिक उपन्यास) 4. प्रेमचन्द कायाकल्प(हिन्दी मे लिखित प्रथम उपन्यास), सेवासदन(प्रथम प्रौढ उपन्यास मंगलसूत्र(अपूर्ण उपन्यास) 5. जगमोहन सिंह श्यामा ...
Read More »विश्व हिंदी सचिवालय(vishv hindi sachivalay)
• विश्व हिंदी केंद्र की स्थापना का विचार प्रस्तुत किया :- प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन (1975 , नागपुर) में (मॉरीशस के तत्कालीन प्रधानमंत्री शिवसागर रामगुलाम ने) • विश्व हिंदी सचिवालय के निर्माण से संबंधित कार्यों के लिए शिक्षा व वैज्ञानिक अनुसंधान मंत्रालय में सलाहकार के रूप में मॉरीशस सरकार ने :- डॉ. श्रीमती सरिता बुधु को नियुक्त किया। (5वां विश्व ...
Read More »विश्व हिंदी सम्मेलन(vishv hindi sammelan)
विश्व हिंदी सम्मेलन हिंदी भाषा का सबसे बड़ा अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन है । • प्रथम विश्व हिंदी सम्मेलन की संकल्पना राष्ट्र भाषा प्रचार समिति वर्धा द्वारा वर्ष 1973 में की गई। [ ] पहला विश्व हिंदी सम्मेलनः- • 10 से 14 जनवरी 1 975 को • आयोजन :- नागपुर में • सम्मेलन का आयोजन :- राष्ट्र भाषा प्रचार समिति, वर्धा के ...
Read More »कवियों के उपनाम(कलम,सखी का अवतार,शेक्सपियर,भारत,डिक्टेटर)
कवियों को उपनाम या उपत्यंत्र के रूप में भी जाना जाता है, जो उनके विशेषताओं, कार्यक्षमता, या उनकी रचनाओं से संबंधित होता है। यहाँ कुछ उपनामों की एक सूची है: सूरदास: सूरदास को “सूर” भी कहा जाता है। कबीरदास: कबीरदास को “संत कबीर” या “सांत” भी कहा जाता है। रहीम: रहीम को “रहीम दास” या “अब्दुल रहीम” कहा जाता है। ...
Read More »हिंदी के बादशाह कहे जाने वाले कवि(hindi ke badashah kahe jane vale kavi)
हिंदी साहित्य में कई कवियों को “बादशाह” के रूप में सम्मानित किया गया है, कुछ मुख्य हैं: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’: सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ को हिंदी साहित्य का एक महान कवि माना जाता है और उन्हें “नीले परियावल” का बादशाह कहा गया है। महादेवी वर्मा: महादेवी वर्मा को “मोदेर्न मीरा” और “रानी की भाषा” के रूप में जाना जाता है। जयशंकर ...
Read More »आधुनिक काल के कवियों के उपनाम(aadhunik kal ke kaviyon ke upanam)
• आधुनिक काल का अजातशत्रु :-भारतेंदु • आधुनिक हिंदी काव्य का वैतालिक:- भारतेंदु • आधुनिक का सूरदास :- हरिऔध (डॉ. गणपति चंद्र गुप्त ने अनुसार ) • आधुनिक युग के पद्माकर :- जगन्नाथदास रत्नाकर • आधुनिक युग के चारण कवि :- दिनकर • आधुनिक युग का तुलसी दास :- मैथिलीशरण गुप्त • आधुनिक हिंदी साहित्य के बापू :- सियाराम शरण ...
Read More »हिंदी में सम्राट कहे जाने वाले कवि(hindi mein samraat kahe jane vaale kavi)
श्रृंगार सम्राट :- सूरदास • वात्सल्य सम्राट :- सूरदास • विरोधाभासों का सम्राट:- घनानंद • कहानी सम्राट :- प्रेमचंद • कवि सम्राट : – हरिऔध • साहित्य सम्राट :- हरिऔध • शब्दकोश सम्राट :- श्यामसुंदर दास • एकांकी सम्राट:- रामकुमार वर्मा • हिंदी के गज़ल सम्राट :- दुष्यंत कुमार 👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 👉 Pdf ...
Read More »पद्म भूषण पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि(padm bhooshan puraskar prapt hindi ke kavi)
क्रम संख्या पद्म भूषण प्राप्त हिंदी के कवि राज्य से संबंध पद्म भूषण प्राप्त सन् 1. मैथिलीशरण गुप्त उत्तर प्रदेश 1954 2. महादेवी वर्मा उत्तर प्रदेश 1956 3. आ.हजारी प्रसाद द्विवेदी उत्तर प्रदेश 1957 4. रामधारी सिंह दिनकर उत्तर प्रदेश 1959 5. पंडित बालकृष्ण नवीन दिल्ली 1960 6. शिवपूजन सहाय बिहार 1960 7. सेठ गोविंददास मध्य प्रदेश 1961 8. राय ...
Read More »पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि(padmashree puraskar prapt hindi ke kavi)
🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले हिंदी के प्रथम साहित्यकार :- आ. रामचंद्र वर्मा( उत्तर प्रदेश ,1958 ई. ) 🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाली हिंदी की प्रथम लेखिका :- अमृता प्रीतम( दिल्ली, 1969 ई.) क्रम संख्या पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि/लेखक संबंधित राज्य वर्ष 1. आ. रामचंद्र वर्मा उत्तर प्रदेश 1958 ई. 2. मुनिजिनविजय राजस्थान 1961 ई. 3. वृंदावन लाल वर्मा ...
Read More »व्यास सम्मान की सम्पूर्ण लिस्ट (vyaas samman ki sampoorn list)
🔷 व्यास सम्मान(vyas samman)🔷 भारतीय साहित्य में दिया जाने वाला ज्ञानपीठ पुरस्कार के बाद दूसरा सबसे बड़ा सम्मान। के. के. बिडलाफाउंडेशन के द्वारा दिया जाने वाला दूसरा ...
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