💐💐 प्रतीक/ प्रतीकवादी 💐💐 ◆ प्रतीक शब्द का अर्थ :- ★ प्रतीक का शाब्दिक अर्थ है– अवयव, अंग, पताका, चिन्ह, निशान। ★ प्रतीक का अर्थ है प्रतिष्ठान अथवा एक वस्तु के लिए किसी अन्य वस्तु की स्थापना । ★ प्रतीक शब्द से अभिप्राय अंग्रेजी के सिम्बल (SYMBOL) शब्द से लिया जाता है। ★ Symbol (सीम्बोल) शब्द ग्रीक भाषा के ...
Read More »Author Archives: Puran Mal Kumhar
बिम्ब/ बिम्बवाद(bimb/bimbavad)
💐💐 बिम्ब 💐💐 ◆ बिम्ब का अर्थ :- ★ ‘बिम्ब’ शब्द अँग्रेजी के इमेज़ (Image) शब्द के पर्याय के रूप में ग्रहण किया जाता है। ★ संस्कृत में बिम्ब शब्द का अर्थ :- प्रतिच्छवि, प्रतिच्छाया, प्रतिबिम्बित ★ “जिस प्रकार अंग्रेजी के अनेक पारिभाषिक शब्दों के लिए उन्होंने हिन्दी में नए पारिभाषिक शब्द गढ़े थे, उसी प्रकार ”इमेज’ के लिए ...
Read More »रस निष्पत्ति(Ras Nishpatti )
Trick :- ★ लल्लोट की उत्पत्ति मीमांसा दर्शन से हुई। भट्ट लल्लोट उत्पत्तिवाद ★ शंकुक की अनुमति के बाद न्याय हुआ। अनुमितिवाद नैयायिक दर्शन ★ नायक भुक्ति ने सांख्य दर्शन व्याख्या की। भट्टनायक भुक्तिवाद ★ अभिनवगुप्त ने अपनी अभिव्यक्ति में शैव दर्शन के बारे में बताया। अभिव्यक्तिवाद रस निष्पत्ति :- काव्य लक्षण काव्य हेतु रस का स्वरूप आचार्य ...
Read More »सिंदूर की होली नाटक( Sindur Ki Holi Natak)
💐💐 सिंदूर की होली 💐💐 ◆ नाटककार :- लक्ष्मीनारायण मिश्र ◆ प्रकाशन :- 1934ई. ◆ अंक :- 3 अंक ◆ दृश्य :- तीन (पहला दृश्य :- 9 बजे का दूसरा दृश्य :- साध्यकाल का तीसरा दृश्य :- 10 बजे रात्रि का ) ◆ दृश्य का स्थल :- डिप्टी कलेक्टर मुरारीलाल के बंगले की बैठक।(एक ही है) ◆ शैली:- पूर्वदीप्ती ...
Read More »अंजो दीदी(Anjo Didi Natak)
💐💐 अंजो दीदी 💐💐 ◆ नाटककार :- उपेंद्रनाथ अश्क ◆ प्रकाशन :- 1955 ई. ◆ अंक :- दो अंक ◆ दृश्य :- 4 दृश्य (3+1) ◆ सामाजिक और मनौवैज्ञानिक नाटक ◆ उपेंद्रनाथ अश्क का सर्वाधिक प्रौढ़ नाटक ◆ नाटक के पात्र :- ★ पुरुष पात्र :- 1. श्रीपत (अंजो का भाई) 2. इन्द्रनारायण (वकील) – अंजली का पति 3. राधू ...
Read More »आधे – अधूरे नाटक (Aadhe Adhure Natak)
💐💐 आधे – अधूरे नाटक 💐💐 ◆ नाटककार :- मोहन राकेश ◆ प्रकाशित :- 1969 ई. ◆ यह नाटक ‘धर्मयुग’ पत्रिका में प्रकाशित हुआ। ◆ मोहन राकेश का यह तीसरा एवं बहुचर्चित नाटक है । ◆ आधे-आधूरे पारिवारिक जीवन के विघटन की गाथा है। ◆ आधे – अधूरे में एक भी अंक नहीं है। ...
Read More »आषाढ़ का एक दिन नाटक (Ashad Ka Ek Din Natak)
💐💐 आषाढ़ का एक दिन 💐💐 ◆ नाटककार :- मोहन राकेश ◆ लिखा गया :- 3 मार्च से 21 अप्रैल 1958 ई. के बीच ◆ प्रकाशन :- जून 1958 ई. ◆ अंक :- तीन अंक ◆ दृश्य :- एक (मल्लिका के घर का ) ◆ आषाढ़ का एक दिन मोहन राकेश का पहला नाटक है। ◆ आषाढ़ का एक दिन ...
Read More »भारत दुर्दशा नाटक (Bharat Durdasha Natak)
💐💐 भारत दुर्दशा 💐💐 ◆ नाटककार :- भारतेन्दु हरिश्चंद्र ◆ प्रकाशन :-1880 ई. में ◆ यह एक नाट्यरासक ◆ शैली :- प्रतीकात्मक व्यंग्यात्मक ◆ अंक :- 6 अंक ◆ यह नाटक भारत की तत्कालीन यथार्थ दशा से परिचित करता है। ◆ हिंदी का पहला राजनीतिक नाटक ◆ नाटक के पात्र :- 1. भारत दुदैव (देश का विनाश का मूल,आधा किस्तानी ...
Read More »अंधेर नगरी नाटक (Andher Nagri Natak)
💐💐 अंधेर नगरी 💐💐 ◆ नाटककार :- भारतेंदु हरिश्चन्द्र ◆ प्रकाशन :- 1881 ई. ◆ शैली:- हास्य-व्यंग्य ◆ एक प्रकार का प्रहसन ◆ अंक :- 6 अंक ◆ आधार नाटक की रचना बिहार के रजवाड़े की गई है। ◆ लेखक ने इस नाटक को एक ही रात में लिखकर पूरा किया। ◆ ‘हिन्दू नेशनल थिएटर’ नामक एक रंग संस्था में ...
Read More »महाभोज नाटक (Mahabhoj Natak)
💐💐 महाभोज नाटक 💐💐 ◆ सर्वप्रथम उपन्यास के रूप 1979 ई. में प्रकाशित हुआ। ◆ फिर महाभोज उपन्यास को नाटक के रूप में 1983 ई. में प्रकाशित किया गया। ◆ महाभोज नाटक का कथानक 1977 ई. में घटित बिहार के पटना जिले का बेलछी नरसंहार है। ◆ कुल दृश्य :- 11 दृश्य ( अंक नही है, दृश्यों में विभाजित है।) ...
Read More »मन्नू भण्डारी का परिचय (Mannu Bhandari Ka Parichay)
💐💐 मन्नू भंडारी 💐💐 ◆ जन्म – 3 अप्रैल, 1931 ई० ◆ जन्म स्थान :- (भानपुर मंदसौर (म०प्र० ) ◆ मृत्यु :- 15 नवंबर 2021, गुरुग्राम, हरियाणा ◆ बचपन का नाम :- महेंद्र कुमारी ◆ घर में सबसे छोटी होने के कारण सब उन्हें प्यार से ‘मन्नू’ बुलाते थे और वही नाम आगे जाकर प्रचलित हुआ। ◆ पिता का नाम ...
Read More »बकरी नाटक (Bakri Natak)
💐💐 बकरी नाटक 💐💐 ◆ नाटककार :- सर्वेश्वर दयाल सक्सेना ◆ प्रकाशन :- 1974 ई. ◆ एक प्रतीक नाटक ◆ अंक:- दो अंक ◆ दृश्य :- 6 दृश्य ( प्रत्येक अंक में 3 दृश्य) ★ नाटक की शैली:- प्रतीकात्मक और व्यंग्यात्मक ◆ बकरी गरीब जनता का प्रतीक है। ◆ नाटक के पात्रः- 1. नट और नटी 2. भिश्ती 3. ...
Read More »एक और द्रोणाचार्य नाटक( Ek Aur Dronacharya Natak)
💐💐 एक और द्रोणाचार्य 💐💐 ◆ नाटककार :- शंकर शेष ◆ प्रकाशन :- 1977ई. ◆ अंक :- 2 अंक ◆ कुल दृश्य :- 11 दृश्य ◆ कुल पात्र :- 26 (आधुनिक पात्र -11 – पौराणिक पात्र- 11, अप्रत्यक्ष पात्र -4) ◆ प्रस्तुत नाटक दो भागों में विभाजित किया गया है। ★ पूर्वार्ध (चार दृश्य) ★ उत्तरार्ध (सात दृश्य) ◆ कलकत्ता ...
Read More »अंधायुग नाटक (Andhayug Natak)
💐💐 अंधायुग नाटक 💐💐 ◆ नाटककार :- धर्मवीर भारती ◆ प्रकाशन :- 1955 ई. ◆ गीति नाट्य / काव्य नाटक ◆ अंक :- 5 अंक ◆ नाटक 8 भागों में विभक्त √ स्थापना √ प्रथम अंक :- कौरवी नगरी √ दूसरा अंक :- पशु का उदय √ तृतीय अंक :- अश्वत्थामा का अर्द्धसत्य √ अन्तराल :- पंख, पहिये और ...
Read More »ध्रुवस्वामिनी नाटक(dhruvswamini natak)
💐💐 ध्रुवस्वामिनी (नाटक)💐💐 ◆ प्रकाशन -: 1933 ई. ◆ अंक :- 3 अंक ◆ दृश्य :- 3 दृश्य( प्रत्येक अंक में एक दृश्य) ◆ नाटक में गीत :- चार ◆ नाटक की नायिका :- ध्रुवस्वामिनी ◆ जयशंकर प्रसाद का यह अंतिम नाटक हैं। ◆ ऐतिहासिक नाटक ◆ नाटक का कथानक गुप्तकाल से सम्बद्ध और शोध द्वारा इतिहाससम्मत है। ◆ ...
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