🌺 दलित निबंध संग्रह🌺 क्रम संख्या दलित निबंध संग्रह निबंधकार 1. पत्ते क्यों गिरते हैं(1989) दलित साहित्य और सामाजिक न्याय(1998) सत्यप्रेमी 2. साहित्य और सामाजिक क्रांत डॉ.दयानंद बटोही 3. मेरा दलित चिंतन डॉ. एन. सिंह 4. परिवर्तन जरूरी है सुशिला टाकभौरे 5. लोकतंत्र के लोकतंत्र में भागीदार के सवाल कंवल भारती 6. 7. 8. 9. 10. 👉 पढ़ना ...
Read More »Tag Archives: www.hindibestnotes.com
दलित नाटक(dalit naatak)
🌺दलित नाटक(dalit naatak)🌺 क्रम संख्या दलित नाटक नाटककार 1. अछूत का बेटा(1977) वीरांगनाझलकारी बाई(1990) तड़फ मुक्ति की (1994) वीरांगना ऊदा देवी पासी(1995) प्रतिशोध (1999) अंतहीन बेड़िया(1999) धर्म परिवर्तन (2000) माता प्रसाद 2. अदालत नामा(1989) मोहनदास नैमिशराय 3. दलितों का चीखता अभाव(1993) डॉ.प्रेमशंकर 4. नंगा सत्य रंग और व्यंग्य डॉ सुशीला टाकभौरे 5. कठौती में गंगा(1959) डॉ.एन. सिंह ...
Read More »दलित कहानी संग्रह(dalit kahani sangrah)
🌺 दलित कहानी संग्रह 🌺 क्रम संख्या दलित कहानी संग्रह कहानीकार 1. सलाम घुसपैठिए ओमप्रकाश वाल्मीकि 2. पुनर्वास विपिन बिहारी 3. तलाश जयप्रकाश कर्दम 4. आवाजें हमारा जवाब मोहनदास नैमिशराय 5. टूटतावहम अनुभूति के घेरे संघर्ष डॉ सुशीला टाकभौरे 6. चारइंच की कलम डॉ.कुसुम वियोगी 7. हैरी कब आएगा नया ब्राह्मण सूरजपालचौहान ...
Read More »दलित काव्य संग्रह(dalit kavy sangrah)
🌺 दलित काव्य संग्रह 🌺 क्रम संख्या दलित काव्य संग्रह रचनाकार 1. गूंगा नहीं था मैं तिनका तिनका आग डॉ जयप्रकाश कर्दम 2. शोषितनामा डॉ मनोज सोनकर 3. तब तुम्हारी निष्ठा क्या होती कंवल भारती 4. प्रयास क्यों विश्वास करूं कब होगी वह भोर सूरजपाल चौहान 5. व्यवस्था के विषधर डॉ. कुसुम वियोगी 6. उत्पीड़न की ...
Read More »दलित उपन्यास(dalit upanyas)
दलित उपन्यास की विशेषताएं:- दलित उपन्यास में विद्रोह स्वर दिखाई देता है। दलित उपन्यासों में अराजकता और अत्याचार को दिखाया जाता है। दलित उपन्यासों में सामाजिक स्थिति का पता चलता है। दलित उपन्यास भीमराव अंबेडकर के मौलिक विचार प्रभावित है। दलित उपन्यासों में कल्पना का समावेश नहीं होतीहै। क्रम संख्या दलित उपन्यास उपन्यासकार 1. छप्पर (1997) जयप्रकाश कर्दम ...
Read More »दलित आत्मकथा और आत्मकथा कार(dalit aatmakatha aur aatmakathakar)
🌺दलित आत्मकथा🌺 • दलित आत्मकथा की शुरुआत :- आत्मकथ्य से (रचयिता -भीमराव अंबेडकर, 1956में ,जनता पत्र नागपुर से ) • दलित आत्मकथा के संदर्भ में आत्मकथा शब्द के लिए आत्मवृत्त,आत्मचरित्र, जीवन गाथा,आत्मकथनस्वकथन एवंस्वचरित शब्दों का प्रयोग किया जाता है। • मोहनदास नैमिशराय अपनी कृति ‘अपने अपने पिंजरे को’आत्मकथा के बजाय आत्मवृत्त मानते हैं। 🌺 दलित आत्मकथा की ...
Read More »UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3
🌺UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 3🌺 ◆ विरुद्धों का सामंजस्य कर्मक्षेत्र का सौंदर्य है जिसकी ओर आकर्षित हुए बिना मनुष्य का हृदय नहीं रह सकता। ● विरुद्धों का सामंजस्य चमत्कृत करता है और यही लोकधर्म का सौंदर्य है। ◆ काव्य के संदर्भ में ‘काव्यानुभूति’,’रसानुभूति’ और ‘सौंदर्यानुभूति’ ...
Read More »UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क – 1
🌺UGC NET EXAM में आये हुये स्थापना और तर्क🌺 ◆ नई आलोचना का केन्द्र बिन्दु-तनाव की स्थिति की परख और सौंदर्य की खोज है। क्योंकि नई आलोचना कविता को शब्द प्रतिभा मानती है। ◆ आधुनिकतावाद वर्तमान की स्वीकृति और समीक्षा के नये सोपानों को स्थापित करता है। ◆ क्रोध विवेक का शत्रु है क्योंकि क्रोध विवेक को नष्ट ...
Read More »रामचरण का जीवन परिचय(Ramcharan ka jeevan parichay)
🌺 रामचरण का जीवन परिचय 🌺 * रामसनेही मत के संस्थापक थे * इनका जन्म संवत 1718 में सूर्य सेन जयपुर में हुआ था * रामसनेही मत के मूर्ति पूजा के लिए प्रस्थान नहीं है * नहीं मत में दिन में नमाज की तरह 55 निराकार ईश्वर की आराधना होती है * नहीं मत में जाति बंधन भी नहीं है ...
Read More »कमाल का जीवन परिचय(kamal ka jeevan parichay)
🌺कमाल का जीवन परिचय🌺 * कमाल को कबीर साहब के पुत्र बताए जाते हैं यह प्रसिद्ध है कि जब उनसे कबीर संपदा की स्थापना की बात कही गई थी तू वह राजी नहीं हुए और करीब कबीर के अनुयाई चलो ने ...
Read More »संत लालदास का जीवन परिचय(Saint Laldas ka jeevan parichay)
🌺संत लालदास का जीवन परिचय🌺 *लाल पंथ के प्रवर्तक संत लालदास 1540 – 1648 * इनका जन्म अलवर राज्य के ग्राम डोली धूप में एक मुसलमान परिवार में हुआ * अपने स्थान को त्याग कर रामगढ़ प्रग्ने में स्थित बारदोली में निवास करने लगे और जनता की सेवा में खो गए * दृष्टा द्वारा तीन पीड़ित ...
Read More »सींगा का जीवन परिचय(seenga ka jeevan parichay)
🌺सींगा का जीवन परिचय🌺 * इनका जन्म मध्य भारत की रियासत बड़वानी के खजूर गांव में एक सवाल परिवार में हुआ * बाल्यावस्था से ही वह संस्था से विरत रहे थे * इनकी निर्गुण ब्रह्म संबंधी धारणा संत कबीर कीमत ब्रह्म विषय कल्पना से बहुत कुछ सामने रखती है * इनकी ने इनके द्वारा विरचित पदों की संख्या 800 बताई ...
Read More »सुंदर दास का जीवन परिचय(Sunder Das ka jeevan parichay)
🌺सुंदर दास का जीवन परिचय🌺 * संत दादू दयाल के शिष्य * प्रतिभा संपन्न कवि और साधक * जन्म स्थान :- जयपुर राज्य की प्राचीन राजधानी दौसा में * 6 वर्ष की अल्पायु में संत दादू के शिष्य हुए * 11 वर्ष की अवस्था में संत जगजीवन दास तथा संत रज्जब के साथ काशी की यात्रा ...
Read More »रामानन्द के बारह शिष्यों नाम का ट्रिक(Ramanand ke baarah shishyon ke naam ka trick)
* रामानन्द के बारह शिष्यों के नाम का ट्रिक :- कब से दास पीपा लेकर धन्ना को बुलाने का अनंत प्रयत्न कर रहा है और उधर सुरसुरा एव सुरसरीपदमावती का नर का भाव देखकर सुख मिला है। 1. कबीर (कब) 2. सेन (से) 3. रैदास (दास) 4. पीपा (पीपा) 5. धन्ना (धन्ना) 6. अनंतानंद(अनंत) 7. सुरसुरानंद (सुरसुरा) 8. सुरसुरी ...
Read More »विद्यापति की पदावली का परिचय(Vidyapati ki padavali ka parichay)
🌺विद्यापति की पदावली का परिचय🌺 • मैथिली भाषा:- विद्यापति की पदावली • नायक :- कृष्ण • नायिका :-राधा • काव्य रूप :- गेह मुक्तक • वयःसन्धि की नायिका :- राधा • प्रमुख रस :- श्रृंगार रस • इस कृति की रचना के लिए विद्यापति ने जयदेव के गीत – गोविंद का अपना आदर्श स्वीकार किया है। • पदावली ...
Read More »