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पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि(padmashree puraskar prapt hindi ke kavi)

पद्मश्री पुरस्कार

🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाले हिंदी के प्रथम साहित्यकार :- आ. रामचंद्र वर्मा( उत्तर प्रदेश ,1958 ई. ) 🔷पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त करने वाली हिंदी की प्रथम लेखिका :- अमृता प्रीतम( दिल्ली, 1969 ई.) क्रम संख्या पद्मश्री पुरस्कार प्राप्त हिंदी के कवि/लेखक  संबंधित राज्य वर्ष 1. आ. रामचंद्र वर्मा उत्तर प्रदेश 1958 ई. 2. मुनिजिनविजय राजस्थान 1961 ई. 3. वृंदावन लाल वर्मा ...

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साठोत्तरी कविता की विशेषताएं और धूमिल saathottari kavita ki visheshataen aur dhoomil

                                          🌺 साठोत्तरी कविताओं की प्रवृत्तियां/विशेषताएं 🌺 🌺 साठोत्तरी कविता का साधारण अर्थ :- सन् 1960 के बाद की कविता। 🌺 साठोत्तरी कविता का तात्पर्य :- केवल के बाद की कविता से नहीं है बल्कि यह एक विशेष तेवर वाली ...

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राम काव्य की प्रवृत्तियां(ram kavy ki pravatiya)

राम काव्य की प्रवृत्तियां

🌺राम काव्य 🌺 ◆ वाल्मीकि रामायण:– यह सर्वप्रसिद्ध राम काव्य है जिसका रचयिता महर्षि वाल्मीकि हैं। इसमें भगवान राम की जीवनी का विस्तृत वर्णन किया गया है। ◆ तुलसीदास रामायण:- संत तुलसीदास द्वारा रचित “रामचरितमानस” भी एक प्रमुख राम काव्य है। इसमें राम की कथा को भारतीय जनता के लिए समझाने का प्रयास किया गया है। ◆कंब रामायण :- इसे ...

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जैन साहित्य की प्रवृत्तियां ( jain sahitya ki pravartiya)

जैन साहित्य की प्रवृत्तियां

जैन साहित्य की प्रवृत्तियां ( jain sahitya ki pravartiya) 1. आध्यात्मिक चिंतन की प्रधानता। 2. रहस्यवादी विचारधारा का समावेश। 3. बाह्य उपासना पूजा-पाठ, रूढ़ियों और शुद्ध आत्मानुभूति पर जोर। 4. दार्शनिकता और शास्त्रीय ज्ञान की अपेक्षा। 5. जैन धर्म की प्रतिष्ठा। 6. नारी रूप का चित्रण । 7. भाव व्यंजना की अभिव्यक्ति। 8. रस निरूपण। 9. विरह की मार्मिक व्यंजना ...

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