💐 एकांकी का अर्थ 💐 • एकांकी का शाब्दिक अर्थ :- एक अंक वाला • एकांकी वास्तव में कार्य – व्यापार द्वारा रंगमंच पर अभिनीय जीवन के एक पहलू का घटना, एक परिस्थिति विशेष का चित्रण है। • हिंदी साहित्य में ‘वन एक्ट प्ले’ के अर्थ में एकांकी का प्रयोग शुरू हुआ। • यूरोप ...
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आत्मकथा की परिभाषा और विशेषता एवं प्रमुख आत्मकथा की short trick
💐आत्मकथा💐 • आत्मकथा हिंदी गद्य की महत्वपूर्ण विधाएं है। • आत्मकथा से आशय उस रचना से है जिसमें कोई प्रसिद्ध व्यक्ति अपनी कथा को स्वयं रोचक शैली में लिखता है। • स्वयं से लेखक के द्वारा लेखक के जीवन की कथा आत्मकथा का रचनाकार कोई प्रतिष्ठित व्यक्ति समाज में ...
Read More »भक्तिकाल के कवियों के सम्बन्ध में प्रमुख कथन (bhakti kaal ke kaviyon ke bare me pramukh kathan)
◆ आ. रामचंद्र शुक्ल के कथन :- 💐💐 कबीर बारे में कथन :- • “कबीर ने अपनी झाड़-फटकर के द्वारा हिन्दुओं और मुसलमानों के कट्टरपन को दूर करने का जो प्रयास किया वह अधिकतर चिढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, हृदय को स्पर्श करने वाला नहीं।” • “ज्ञानमार्ग की बातें कबीर ने हिंदू साधु, संन्यासियों से ग्रहण की जिनमें सूफियों के सत्संग ...
Read More »भक्ति आंदोलन के उद्भव एवं विकास से संबंधित मत(bhakti aandolan kee udbhav aur vikaas se sambandhit mat )
★ भक्ति आंदोलन के उद्भव एवं विकास से संबंधित मत :- • भक्ति का सर्वप्रथम उल्लेख श्वेताश्वेतर उपनिषद् (6/33) में मिलता है। • भारतीय धार्मिक साहित्य में भक्ति का उदय वैदिक काल से ही दिखाई पड़ता है। • भक्ति साहित्य के सभी विद्वानों ने भक्ति आंदोलन का प्रारंभ दक्षिण भारत से माना है। श्रीमद्भागवत पुराण में :- ” उत्पन्ना द्रविड ...
Read More »भक्ति शब्द की उत्पत्ति, परिभाषा और भेद (bhakti shabd ki utpatti, paribhaasha aur bhed)
★ भक्ति शब्द की व्युत्पत्ति :- • भक्ति शब्द संस्कृत के ‘भज्’ सेवायाम् धातु में ‘ क्तिन्’ प्रत्यय लगाने पर बनता है। • जिसका अर्थ ‘सेवा करना’ या ‘भजना’ है, अर्थात् श्रद्धा और प्रेमपूर्वक इष्ट देवता के प्रति आसक्ति। • “भक्ति शब्द की व्युत्पत्ति ‘भज्’ से की जा सकती है”।(भज् का अर्थ :- भाग लेना)【 मोनियर विलियम के अनुसार】 • भक्ति शब्द का ...
Read More »अंधेरे में कविता का सारांश(kavita mein kavita ka saraansh)
• रचयिता :- मुक्तिबोध • लंबी कविता • मुक्तिबोध की अंतिम कविता • लिखी गयी :- 1952 से 1962 के बीच, अंतिम संशोधन 1962 में • पहला प्रकाशन :- आशंका के द्वीप अंधेरे में, शीर्षक से कल्पना पत्रिका में, नवंबर 1964 में • काव्य नायक (दो नायक) :- (1.) काव्य नायक :- में (2.) स्वप्न का नायक :- अन्य • ...
Read More »काव्य हेतु(kavy hetu)
◆ हेतु का शाब्दिक अर्थ :- कारण ◆ काव्य हेतु का अर्थ :- जिनके के कारण काव्य का सृजन होता है। ◆ काव्य हेतु की परिभाषा :- काव्य रचना का सामर्थ्य उत्पन्न कर देने वाले कारण ही काव्य हेतु कहलाते है। ◆ काव्य हेतु के भेद :- 3 1. प्रतिभा 2. व्युत्पत्ति 3. अभ्यास ■ प्रतिभा,व्युत्पत्ति और अभ्यास मानने वाले ...
Read More »हिन्दी के प्रमुख कवियों के उपनाम(hindi ke pramukh kaviyon ke upanam)
1. क्रम संख्या कवि उपनाम 2. स्वयंभू अपभ्रंश का वाल्मीकि अपभ्रंश का कालिदास (डॉ.भयाणी के अनुसार) 3. पुष्पदंत अपभ्रंश का भवभूति (शिवसिंह सेगंर के अनुसार) अभिमान मेरु (पुष्पदंत ने स्वयं को कहा) 4. कबीर की भाषा भाषा का ...
Read More »लम्बी कविताएं (Long poems)
क्र.सं लम्बी कविताएं कवि 1. संशय की लम्बी रात (नाट्य शैली पर रचित) नरेश मेहता 2. समय देवता (मेरा समर्पित एकांत काव्य संग्रह से ) नरेश मेहता 3. राम की शक्ति पूजा (अनामि का काव्य संग्रह से) निराला 4. नेवला (कारागार के सर्न्दभ में) त्रिलोचन 5. पतंग (दुनिया रोज बनती है काव्य संग्रह से ) ...
Read More »हिंदी के कवियों की जन्म सन् (शॉर्ट ट्रिक)
◆ विद्या रैदास की और कबीर का धर्म कुंभनदास के गुरु ने दिये। 1. विद्यापति – 1380 ई. 2. रैदास – 1388 ई. ( डॉ. रामकुमार वर्मा के अनुसार) 3. कबीर दास – 1398 ई. 4. धर्मदास – 1418 ई. 5. कुंभनदास – 1468 ई. 6. गुरूनानक – 1469 ई. ◆ सूर परमानंद प्राप्त करने के लिए जासी कृष्णा एवं ...
Read More »मैला आँचल उपन्यास का सारांश और उद्देश्य( maila aanchal upanyas ka saraansh aur uddeshy)
• प्रकाशन:- अगस्त, 1954ई . समता प्रकाशन, पटना से • उपन्यासकार :- फणीश्वरनाथ रेणु • कुल पृष्ठ :- 250 • कुल खण्ड :- 2 • कुल परिछेद : 67 • उपन्यास की कथा भूमि उत्तरी बिहार का पूर्णिया अंचल है और कथाकाल आजादी के कुछ बरस बाद का। • पहले खंड में :- स्वतंत्रतापुर्ण के गांव का चित्रण। • द्वितीय ...
Read More »श्रद्धा और भक्ति(shraddha aur bhakti)
• चिंतामणि प्रथम भाग(1939ई.) निबंध संग्रह से(सम्पादन – आ. रामचंद्र शुक्ल ने) • चिंतामणि प्रथम भाग में 17 निबंध संगृहीत है। • जिनके नाम :- 1. भाव एवं मनोविकार 2. उत्साह 3. श्रद्धा और भक्ति 4. करुणा 5. लज्जा और ग्लानि 6. लोभ और प्रीति 7. घृणा 8. ईर्ष्या 9. भय 10. क्रोध 11. कविता क्या है【सबसे लम्बा सैद्धांतिक निबंध】 ...
Read More »नाखून क्यों बढ़ते हैं( nakhoon kyu badhate hain)
💐 नाखून क्यों बढ़ते हैं?💐 ◆ डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी रचित ललित निबंध ◆ विचार प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबंध ◆ यह निबंध ‘कल्पलता'(1951 ई.) निबंध संग्रह से । ◆ ‘कल्पलता’ निबंध-संग्रह में कुल बीस निबंध हैं। ◆ लेखक कहते हैं कि नाखून का बढ़ना मनुष्य के भीतर पशुता की निशानी है और उसे नहीं ...
Read More »मुहावरे और लोकोक्तियाँ (muhavare aur lokoktiyan ) में अन्तर
मुहावरे और लोकोक्तियाँ की परिभाषा मुहावरे और लोकोक्तियाँ दोनों ही भाषा के उपयोग में होने वाले प्रतिभास होते हैं, लेकिन उनमें कुछ अंतर होता है। मुहावरे (Idioms): मुहावरे एक विशेष अर्थ या संकेत को व्यक्त करने के लिए उपयोग किए जाने वाले वाक्यांश होते हैं। ये आमतौर पर एक संयुक्त शब्दार्थ को व्यक्त करने के लिए होते हैं, जिनका प्रत्येक ...
Read More »पुष्पदन्त(pushpadant) का जीवन परिचय
🌺 पुष्पदन्त(pushpadant) का जीवन परिचय 🌺 • समय :- 10 वीं शताब्दी (बच्चन के अनुसार) • बरार के आसपास रहने वाले थे बाद में राष्ट्रकूटों की राजधानी मान्यखेट(मलखेड) चले गये।मान्यखेट में 972ई. तक रहे/ मान्यखेट में 14 वर्ष तक रहे। • दिल्ली के निकटवर्ती यौधेय के निवासी।(राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) • पिता का नाम:- केशव भट्ट • माता का नाम:- ...
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