🌺 प्रबंध चिंतामणि का परिचय 🌺 * 1304ई. में संस्कृत भाषा में जैन आचार्य मेरुतुंग द्वारा रचित है।(डॉ . बच्चन सिंह के अनुसार) * इसमें अनेक ऐतिहासिक कथा प्रबंध है । * इसमें बहुत पुराने राजाओं के आख्यान संग्रहीत किये गए है। * प्रबंध चिंतामणि नामक संस्कृत ग्रंथ भोज प्रबंध के ढंग से बनाया। * इसमें सिद्धराज जयसिंह कुमार पाल ...
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संदेश रासक का परिचय (Sandesh Rasak ka parichay)
🌺 संदेश रासक का परिचय 🌺 * रचयिता :- अब्दुल रहमान/अद्दहमाण * 12वीं – 13वीं .शताब्दी की रचना मानते है।(आ. हजारी प्रसाद द्विवेदी ) * प्रेमकाव्य(विरह काव्य) * प्रमुख रस – श्रृंगार रस * भाषा :- अपभ्रंश * कुल छन्द :- 223 छन्द * इसमें प्रयुक्त हुए छंदों की संख्या :- 12 * सर्वाधिक रासा छन्द का प्रयोग(कुल रासा ...
Read More »अब्दुल रहमान का परिचय (Abdul Rahman ka parichay)
🌺अब्दुल रहमान का परिचय 🌺 ◆ मीरसेन आरद्द का पुत्र ◆ स्थान :- मिच्छदेस (म्लेच्छ)[पश्चिमी पाकिस्तान] ◆ मुल्तान निवासी( नाथूराम प्रेमी के अनुसार) ◆ जाति :- जुलाहा ◆ समय :- 11वीं शताब्दी का कवि (राहुल सांस्कृत्यायन के अनुसार) ◆ 12वीं सदी के प्रथम मुस्लिम लेखक जो हिन्दी लिखता है । ◆ भारतीय भाषा मे ...
Read More »स्थूलिभद्ररास का परिचय( Sthulibhadras ka parichay)
🌺स्थूलिभद्ररास का परिचय🌺 * जिनधर्मसूरी द्वारा रचित * रचना काल – 1209 ईस्वी * विषय – स्थूलिभद्र और कोशा वेश्या के संबंधित घटनाएं। * कोशा वेश्या के पास भोगलिप्सा रहने वाले स्थूलिभद्र को कवि ने जैन धर्म की दीक्षा लेने के लिए बाद मोक्ष का अधिकारी सिद्ध किया है। 👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 👉 Pdf ...
Read More »चंदनबाला रास का परिचय(Chandanbala Ras ka parichay)
🌺चंदनबाला रास का परिचय🌺 * रचयिता :- आसगु कवि * रचना समय – 1200ई. * रचना स्थान – जालौर निकट सहजिगपुरी, पश्चिमी राजस्थान (माता प्रसाद गुप्त के अनुसार ) * लघु खण्डकाव्य • कुल छन्द – 35 छन्द * कथा- नायिका चंदनबाला( चंपा नगरी के राजा दधिवाहन की पुत्री ) * प्रमुख रस – करुण रस * सम्पादन – राजस्थान ...
Read More »भरतेश्वर बाहुबली रास का परिचय(Bharateshwar Bahubali Raas ka parichay)
🌺 भरतेश्वर बाहुबली रास का परिचय 🌺 * रचयिता – शालिभद्रसुरी (भीमदेव द्वितीय के समय पाटण में हुए थे।) * रचना समय – 1185ई. में * रचना तिथि – संवत् 1231(मुनिजिन विजय के अनुसार) * 205 छन्दों में रचित। * खंडकाव्य * वीर रस प्रधान और अंत में शांत रस * 203 कड़ियां में रचित। * शालिभद्रसुरी पाटन में निवास ...
Read More »मेरुतुंग का परिचय (Merutung ka parichay)
🌺मेरुतुंग का परिचय 🌺 • नागेंद्र गच्छ के आचार्य • गुरु का नाम – चंद्रप्रभ सुरी • प्रधान शिष्य – गुणचंद्र • अन्य प्रमुख ग्रंथ – महापुरुष चरित (इस ग्रंथ में ऋषभदेव,शांतिनाथ,नेमिनाथ,पार्श्वनाथ और महावीर इस प्रकार पांच तीर्थंकरों का संक्षिप्त चरित वर्णन है।) 👉 पढ़ना जारी रखने के लिए यहाँ क्लिक करे। 👉 Pdf नोट्स लेने के लिए टेलीग्राम ज्वांइन ...
Read More »अपभ्रंश का वाल्मीकि स्वयंभू का परिचय(Swayambhu ka parichay)
🌺 स्वयंभू का परिचय 🌺 * अपभ्रंश का वाल्मीकि * समय :- 8वीं शताब्दी * उत्तर के रहने वाले थे बाद में संरक्षण के साथ राष्ट्रकूट राज्यों में चले गए । * पिता का नाम :- मारुति देव * स्वयंभू के दो पत्नियां थी। * स्वयंभू के आश्रयदाता :- धनंजय और धवलाइया * प्रमुख ग्रंथ :- पउमचरिउ * जैन कवियों ...
Read More »अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय(Apabhramsha sahity ka pratham mahakavy Poomachariyu ka paricha)
🌺अपभ्रंश साहित्य का प्रथम महाकाव्य पउमचरिउ का परिचय 🌺 • रचयिता – महाकवि स्वयंभू • अपभ्रंश साहित्य का अत्यंत प्रसिद्ध एवं प्रथम महाकाव्य। • चरित काव्य। • पांच काण्डों और 90 संधियों में विभाजित है। • पांच काण्डों में विभक्त :- 1. विद्याधर कांड(20 संधियां) 2. अयोध्या कांड (22 संधियां) 3. सुंदरकांड (14 संधियां) 4. युद्ध कांड(21 संधियां) 5. उत्तरकांड ...
Read More »मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय( Matsyendranath ka parichay)
🌺 मत्स्येन्द्रनाथ का परिचय 🌺 • गोरखनाथ के गुरु। • अवलोकितेश्वर के अवतार (नेपाली अनुश्रुति के अनुसार)। • नाथ परंपरा के आदिगुरु • कौलाचार के सिद्ध पुरुष • कौल मार्ग के प्रथम प्रर्वतक (कौलज्ञान निर्णय के अनुसार ) • सकल कुल शास्त्र के अवतार (तंत्रालोक की टीका के अनुसार) • योगी संप्रदाय में मछंदर नाथ नाम प्रसिद्ध। • परवर्ती संस्कृत ...
Read More »शून्यवाद प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन का परिचय(shoonyavad pravartak aachary Nagarjuna ka parichay)
🌺आचार्य नागार्जुन का परिचय 🌺 * शून्यवाद सबसे प्रबल प्रवर्तक आचार्य नागार्जुन(दूसरी शताब्दी तथा तीसरी शताब्दी के मध्य) * नागार्जुन का सबसे प्रसिद्ध ग्रंथ – माध्यामिक शास्त्र * नागार्जुन ने उत्पत्ति,गति, दुख,बंधन, मोक्ष आदि सभी धारणाओं की तर्क सहित परिक्षा कर यह सिद्ध किया है कि सभी में विरोध धर्मो की उपस्थिति है अतः सभी शून्य है। * माध्यमिक पथ ...
Read More »कुक्कुरिपा का परिचय(Kukkuripa ka parichay)
🌺 कुक्कुरिपा का परिचय 🌺 * कुक्कुरिपा कपिलवस्तु के ब्राह्मण थे (राहुल सांकृत्यायन के अनुसार) * कुक्कुरिपा के गुरू :- चर्पटीया नाथ * कुक्कुरिपा द्वारा रचित 16 ग्रंथ माने जाते हैं । * कुक्कुरिपा सहज जीवन के समर्थक थे । * कुक्कुरिपा की कविता की पंक्तियां – “हांड निवासी खगम भतारे, मोहोर विगोआ कहण न जाई।” 👉 पढ़ना जारी ...
Read More »जालन्धर का परिचय(Jalandhar ka parichay)
🌺जालन्धर का परिचय 🌺 * जालन्धर नगर भोग नामक देश के ब्राह्मण थे (स स्क्य कं बुम् के अनुसार) * पश्चिम में स्थित सिंधु देश के ठाठ नगर के शूद्र निवासी थे। (तारानाथ के अनुसार) * जालंधर ने कुछ दिनों में नेपाल भी रहे । * जालंधर ने ओडियान में साधना करनी पड़ी थी जहाँ कच्छपा ने इन्हें बौद्ध तन्त्रों ...
Read More »विरूपा का परिचय(Virupa ka parichay)
🌺 विरूपा का परिचय 🌺 * विरूपा का समय-: संवत् 900 के लगभग( आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार ) * विरूपा के तीन नाम -: विरूपा,काल विरूपा और धर्मपाल भी थे और ये नालंदा ओडियान तथा चीन में भी प्रकट हुए थे ।(तारानाथ के अनुसार) * तंजूर में ...
Read More »कण्हपा का परिचय(Kanhapa ka parichay)
🌺कण्हपा का परिचय🌺 * कण्हपा का समय :- संवत् 900 के उपरांत (आचार्य रामचंद्र शुक्ल के अनुसार) * कण्हपा का समय :- 820 ईस्वी में , कर्नाटक के ब्राह्मण वंश में (डॉ. नगेंद्र के अनुसार) * कहण्पा का समय :- 1199 ई.( डॉ. बच्चन सिंह के अनुसार ) * कण्हपा का जन्म :- उड़ीसा में ( तारा नाथ के अनुसार) ...
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