भाषा की मुख्य इकाइयाँ (Units of Language)
भाषा केवल अभिव्यक्ति का साधन ही नहीं है, बल्कि यह एक अत्यंत वैज्ञानिक और रोचक व्यवस्था है। भाषा की रचना छोटी से छोटी ध्वनियों से लेकर बड़े-बड़े वाक्यों के संयोजन से होती है।
भाषा की मुख्य रूप से पाँच इकाइयाँ मानी जाती हैं, जो नीचे से ऊपर के क्रम में (सिक्स से शिखर की ओर) इस प्रकार हैं:
1. ध्वनि / वर्ण (Phoneme / Letter)
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ध्वनि (मौखिक) : भाषा की सबसे छोटी मौखिक इकाई ‘ध्वनि’ कहलाती है।
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वर्ण (लिखित) : भाषा की सबसे छोटी लिखित इकाई ‘वर्ण’ कहलाती है। ध्वनियों को व्यक्त करने के लिए जिन लिखित चिह्नों का प्रयोग किया जाता है, वे वर्ण कहलाते हैं।
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उदाहरण : अ, आ, इ, क, ख, ग, म, प
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2. अक्षर (Syllable)
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एक ही श्वास के आघात (झटके) में बोले जाने वाले ध्वनि या ध्वनियों के समूह को ‘अक्षर’ कहते हैं।
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उदाहरण : ‘राम’ शब्द में दो अक्षर हैं — ‘रा’ और ‘म’।
(सभी वर्ण अक्षर नहीं होते, किंतु सभी अक्षरों में स्वर की उपस्थिति अनिवार्य होती है)।
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3. शब्द (Word)
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वर्णों के सार्थक (अर्थपूर्ण) समूह को ‘शब्द’ कहते हैं।
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यह भाषा की अर्थ के आधार पर सबसे छोटी इकाई है।
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स्वतंत्र रूप से इसका अपना एक निश्चित अर्थ होता है।
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उदाहरण : {क} + {म} + {ल} = {कमल} (एक फूल)
(यदि इसे ‘लमक’ लिखें, तो यह शब्द नहीं कहलाएगा क्योंकि इसका कोई अर्थ नहीं है)।
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4. पद (Clause / Formatted Word)
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जब कोई शब्द स्वतंत्र न रहकर किसी वाक्य में प्रयुक्त हो जाता है और व्याकरण के नियमों (कारक, वचन, लिंग आदि) में बँध जाता है, तो वह ‘पद’ बन जाता है।
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उदाहरण : ‘कमल’ एक स्वतंत्र शब्द है, लेकिन “तालाब में कमल खिला है” — यहाँ ‘कमल’ एक पद है।
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5. वाक्य (Sentence)
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पदों (शब्दों) के उस व्यवस्थित और सार्थक समूह को ‘वाक्य’ कहते हैं, जो पूरा भाव या विचार स्पष्ट कर दे।
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यह भाव या अर्थ की दृष्टि से भाषा की सबसे बड़ी और पूर्ण इकाई है।
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उदाहरण : “ज्ञान ही मनुष्य का सबसे बड़ा धन है।”
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भाषा के संबंध में अत्यंत रोचक तथ्य (Interesting Facts About Languages)
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‘कोस-कोस पर बदले पानी…’ : भारत में ही नहीं, पूरी दुनिया में बोलियाँ तेजी से बदलती हैं। ऐसा माना जाता है कि औसतन हर 15 से 20 किलोमीटर की दूरी पर स्थानीय भाषा या बोली का लहजा (Accent) और शब्दावली बदल जाती है।
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दुनिया की सबसे पुरानी भाषाएँ : तमिलनाडु में बोली जाने वाली तमिल और भारत की प्राचीन शास्त्रीय भाषा संस्कृत को दुनिया की सबसे पुरानी जीवित / लिखित भाषाओं में गिना जाता है।
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अंग्रेजी में ‘E’ और हिंदी में ‘अ’ : अंग्रेजी भाषा में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला अक्षर ‘E’ है, जबकि हिंदी और संस्कृत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला स्वर ‘अ’ है।
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पाणिनि का पहला व्याकरण : दुनिया का सबसे पहला और सबसे वैज्ञानिक व्याकरण ग्रंथ ऋषि पाणिनि द्वारा रचा गया ‘अष्टाध्यायी’ (संस्कृत व्याकरण) है। आधुनिक कंप्यूटर भाषा विज्ञान भी पाणिनि के नियमों से प्रेरणा लेता है।
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बिना होंठ मिलाए बोलना संभव नहीं : भाषा ध्वनियों के उच्चारण स्थान अलग-अलग होते हैं। हिंदी के ‘प, फ, ब, भ, म’ (ओष्ठ्य वर्ण) ऐसे वर्ण हैं, जिन्हें आप अपने दोनों होंठों को आपस में स्पर्श कराए बिना बोल ही नहीं सकते।
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‘पापा’ और ‘मामा’ शब्द सार्वभौमिक क्यों हैं? : दुनिया की लगभग अधिकांश भाषाओं में माता और पिता के लिए इस्तेमाल होने वाले शुरुआती शब्द ‘म’ (M) और ‘प/ब’ (P/B) ध्वनि से शुरू होते हैं, क्योंकि शिशु जब बोलना शुरू करता है तो ओष्ठ्य (Lip) ध्वनियाँ सबसे आसानी से निकलती हैं।
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हर 14 दिन में एक भाषा का लोप : यूनेस्को (UNESCO) के अनुसार, दुनिया भर में हर दो हफ्ते (14 दिन) में औसतन एक बोली या भाषा विलुप्त हो जाती है, क्योंकि उसके अंतिम वक्ता की मृत्यु हो जाती है।
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अंतरिक्ष में गूंजती भाषा : नासा (NASA) के ‘वॉयेजर’ गोल्ड रिकॉर्ड (Voyager Golden Record) में पृथ्वी का प्रतिनिधित्व करने के लिए 55 भाषाओं के शुभकामना संदेश भेजे गए हैं, जिनमें हिंदी, संस्कृत, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मराठी, उर्दू और पंजाबी शामिल हैं।