Author Archives: Puran Mal Kumhar

बाणभट्ट की आत्मकथा का उद्देश्य(banbhatt ki aatmakatha ka uddeshy)

• प्रकाशन :- 1946 ई. • उपन्यासकार :- आ. हजारीप्रसाद द्विवेदी • संपूर्ण उपन्यास 26 उच्छ्वासों में विभक्त है। • उपन्यास के आरंभ में लिखा गया है – “अथ बाणभट्ट की आत्मकथा लिख्यते।” • बाणभट्ट की आत्मकथा सातवीं शताब्दी का समग्र चित्रण प्रस्तुत करता है। • यह आत्मकथा डायरी शैली में लिखी गई है। • आत्मकथा में अतीत की स्मृतियां ...

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गोदान उपन्यास का उद्देश्य(godan upanyas ka uddeshy)

💐  गोदान उपन्यास (मुंशी प्रेमचंद) 💐 ◆ प्रकाशन वर्ष :- 1936ई. ◆ भाग :- 36 ◆ आर्दशवाद और यथार्थवाद का समन्वय ◆ इसमें भारतीय किसान की  जीवन – गाथा अत्यंत हृदयस्पर्शी ढंग से वर्णित है। ◆ किसान जीवन की समस्याओं,दुःखों और त्रासदियों पर  लिखा गया महाकाव्य। ◆ इसमें गांव और शहर के आपसी द्वंद, भारतीय ग्रामीण जीवन के दुःख, गांवों ...

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गोदान के पात्रों का महत्वपूर्ण कथन( mahatvapoorn kathan)

                        ◆ महत्वपूर्ण कथन ◆ 1. होरी का कथन :- ●  “जब अपनी गर्दन दूसरों के पैरों के तले दबी हो तो उन पैरों को सहलाने में कुशल है।” ● “हमारा जन्म इसलिए हुआ है कि अपना रक्त बहाए और बड़ों का घर भरे।” ● “हम लोग समझते हैं ...

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गोदान के पात्रों(Godan ke patro) का परिचय

💐 गोदान के प्रमुख पात्र  1. होरी 2. रायसाहब अमरपाल सिंह 3. प्रोफ़ेसर मेहता 4. गोबर 5. पंडित दातादीन 6. धनिया 7. मालती 8.  झुनिया 9.  गोविंदी [  ] गौण पात्र :- 1.  भोला 2.  हीरा 3.  शोभा 4.  सोना 5. रूपा 6. पंडित ओकार नाथ 7. श्याम बिहारी तंखा 8. मिस्टर खन्ना 9. सरोज 10.  मिर्जा खुर्शेद 11. पण्डित ...

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यूजीसी नेट इकाई -6 (उपन्यास)【UGC NET UNIT -6 (upanyas)】

  क्र.स. उपन्यास उपन्यासकार प्रकाशन 1. देवरानी जेठानी की कहानी पं.गौरी दत्त शर्मा 1870ई. 2. परीक्षा गुरू लाला श्रीनिवास दास 25,नवम्बर 1882ई. 3. गोदान मुंशी प्रेमचन्द 1936ई. 4. शेखर एक जीवन(भाग-1) (प्रथम भाग का नाम -उत्थान) अज्ञेय 1941ई. 5. बाणभट्ट की आत्मकथा आ.हजारीप्रसाद द्विवेदी 1946ई. 6. मैला आँचल फणीश्वरनाथ रेणु 9 अगस्त 1954(समताप्रकाशनद्वारा) 7. झूठा – सच यशपाल पहला भाग(1958) ...

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महत्वपूर्ण निबंधों की शॉर्ट ट्रिक(mahatvapoorn nibandhon ki Short Trick )

          ◆ भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ◆ • Short trick :- भारतेन्दु को एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न आया जिसमें स्वर्ण में विचारसभा का अधिवेशन हो रहा था। अधिवेशन में पाँचवे पैगम्बर और ईश्वर विलक्षण था। 1. एक अद्भूत अपूर्व स्वप्न 2. स्वर्ण में विचार सभा का अधिवेशन 3. पाँचवां पैगम्बर 4. ईश्वर का बड़ा विलक्षण है     ...

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निबंध(nibandh) का अर्थ, परिभाषा,विशेषताएं

• आधुनिक युग में निबंध शब्द का प्रयोग :- अंग्रेजी के Essay शब्द के लिए प्रयुक्त है जो मूलतः फ्रेंच शब्द है जिसका अर्थ होता है रचनात्मक प्रयास या प्रयत्न। • अंग्रेजी के एसे (Essay) शब्द का पर्याय है। एसे शब्द की उत्पत्ति अंग्रेजी के फ्रांसीसी शब्द के एसेइस(Essais) के अनुकरण पर हुआ है। जिसका अर्थ:- प्रयास, प्रयत्न या परीक्षण ...

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श्रद्धा और भक्ति(shraddha aur bhakti)

• चिंतामणि प्रथम भाग(1939ई.) निबंध संग्रह से(सम्पादन – आ. रामचंद्र शुक्ल ने) • चिंतामणि प्रथम भाग में 17 निबंध संगृहीत है। •  जिनके नाम :- 1. भाव एवं  मनोविकार 2. उत्साह 3. श्रद्धा और भक्ति 4. करुणा 5. लज्जा और ग्लानि 6.  लोभ और प्रीति 7. घृणा 8.  ईर्ष्या 9. भय 10. क्रोध 11. कविता क्या है【सबसे लम्बा सैद्धांतिक निबंध】 ...

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नाखून क्यों बढ़ते हैं( nakhoon kyu badhate hain)

               💐 नाखून क्यों बढ़ते हैं?💐 ◆ डॉ. हजारी प्रसाद द्विवेदी रचित ललित निबंध ◆ विचार प्रधान व्यक्तिनिष्ठ निबंध ◆ यह  निबंध ‘कल्पलता'(1951 ई.) निबंध संग्रह से । ◆ ‘कल्पलता’ निबंध-संग्रह में कुल बीस निबंध हैं। ◆ लेखक कहते हैं कि नाखून का बढ़ना मनुष्य के भीतर पशुता की निशानी है और उसे नहीं ...

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काव्य के लक्षण( kavy ke lakshan)

★ काव्य लक्षण याद रखने के लिए सम्पूर्ण परिभाषा रटने की जरुरत नहीं है केवल परिभाषा में प्रमुख बिंदु को ही याद रखना है जो इस प्रकार :- ◆ भारतीय आचार्य के द्वारा:- 1. शब्दार्थ :- • शब्दार्थो सहितौ – भामह • शब्दार्थशरीरं – आनन्दवर्द्धन • शब्दार्थवनलंकृती – जयदेव • सब्द जीव तिहि – देव ★ विस्तार से :- 1. ...

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गन्धमादन(gandhamadan) [राघव करुणो रस]

गन्धमादन(gandhamadan) [राघव करुणो रस] ★  निबन्धकार – कुबेर नाथ राय ★ प्रकाशन वर्ष – जुलाई,1972 ई. ★ विधा- ललित निबंध ★ कुल पृष्ठ – 317 ★कुल निबंध – 15 ★ इसमें संग्रह निबंधओं के नाम 1. शब्द श्री 2. नदी तुम बीजाक्षरा 3. अन्नपूर्णा बाण भूमि 4. गौरी – मार्ग और कामुक मेघ 5. राघव करुणो रस 6. चित्र – ...

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वक्रोक्ति सिद्धांत(vakrokti siddhant)

◆ वक्रोक्ति सिद्धांत के प्रवर्तक – कुन्तक ◆ वक्रोक्ति को शब्दालंकार माने वाले विद्वान :- Trick – मम्मट को रुद्रट की वक्रोक्ति शब्दालंकार पर विश्वास है। • मम्मट • रुद्रट • विश्वनाथ ◆ वक्रोक्ति को अर्थालंकार माने वाले विद्वान :- Trick – अप्पय दीक्षित ने वामन और विद्यानाथ को वक्रोक्ति को अर्थालंकार के रूपों को आनंद पूर्वक समझाया। • अप्पय ...

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कफ़न कहानी(kafan)

             💐 ‘कफ़न’ कहानी 💐 ◆ कहानीकार :- मुंशी प्रेमचंद ◆ प्रकाशन :- दिसंबर, 1935 ◆ तीन परिच्छेद (खण्ड) ◆ नग्न यर्थाथवाद का चरित्र ◆ प्रमुख पात्र:- ● घीसू ● माधव ◆  दो  रंगमंच (कहानी की प्रमुख घटनाएं गांव और मधुशाला में घटित होती हैं) ◆  तीन परिच्छेद (खण्ड) विभाजित :- ( 1.) घीसू-माधव अलाव में आलू भूनकर खाते हैं ...

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मेरी तिब्बत यात्रा(meree tibbat yatra)[तीसरा चौथा एवं पांचवा खंड]

[ ] यात्रा वृत्तांत के रचनाकार :- राहुल सांकृत्यायन [ ] प्रकाशन वर्ष :- 6 मार्च 1937,पटना से प्रकाशित [ ] लेखक ने सर्वप्रथम तिब्बत यात्रा की तब प्रेस को दिया किंतु कुछ कारणों से 36 पृष्ठ तक छपकर काम रुक रहा। [ ] यह लेखक तीसरी बार तिब्बत से लौटने के बाद प्रकाशित हुई। [ ] कुल पृष्ठ :- ...

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मेरी तिब्बत यात्रा(meree tibbat yatra) [प्रथम खण्ड]

[ ]  यात्रा वृत्तांत के रचनाकार :- राहुल सांकृत्यायन [ ] प्रकाशन वर्ष :- 6 मार्च 1937,पटना से प्रकाशित [ ] लेखक ने सर्वप्रथम तिब्बत यात्रा की तब प्रेस को दिया किंतु कुछ कारणों से 36 पृष्ठ तक छपकर काम रुक रहा। [ ] यह लेखक तीसरी बार तिब्बत से लौटने के बाद प्रकाशित हुई। [ ] कुल पृष्ठ :- ...

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