कुँवर नारायण जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “तीसरे सप्तक के प्रमुख कवि और नई कविता आंदोलन के सशक्त हस्ताक्षर” (पुस्तकें: आत्मजयी, चक्रव्यूह, कोई दूसरा नहीं, वाजश्रवा के बहाने) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 19 सितंबर, 1927 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद (अब अयोध्या) में। जीवन यात्रा : कुँवर नारायण जी का जीवन ...
Read More »Tag Archives: आरपीएससी फर्स्ट ग्रेड हिंदी काव्यशास्त्र
रघुवीर सहाय जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
रघुवीर सहाय जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “आधुनिक समाज के राजनीतिक पाखंड, मध्यवर्गीय जीवन के संकट और आम आदमी की पीड़ा के बेबाक कवि” (पुस्तकें: दूसरा सप्तक, सीढ़ियों पर धूप में, लोग भूल गए हैं, आत्महत्या के विरुद्ध) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 9 दिसंबर, 1929 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ। ...
Read More »शमशेर बहादुर सिंह जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
शमशेर बहादुर सिंह जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ (पुस्तकें: कुछ कविताएँ, चुका भी हूँ नहीं मैं, इतने पास अपने, बात बोलेगी) हिंदी साहित्य में “कवियों का कवि” 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 3 जनवरी, 1911 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश के देहरादून (अब उत्तराखंड में)। पारिवारिक पृष्ठभूमि : पिता का नाम बाबू तारीफ सिंह ...
Read More »सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जीवन परिचय एवं काव्यगत विशेषताएँ
सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जीवन परिचय एवं काव्यगत विशेषताएँ महाप्राण 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : महाप्राण निराला का जन्म 21 फरवरी, 1899 (कुछ विद्वान इसे 1896 भी मानते हैं) को वसंत पंचमी के दिन हुआ था। जन्म स्थान : उनका जन्म महिषादल राज्य, जिला मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) में हुआ था। मूल निवास : इनका परिवार मूल ...
Read More »गोस्वामी तुलसीदास जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
गोस्वामी तुलसीदास जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “सगुण रामभक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि और जन-मानस के पथ-प्रदर्शक” (पुस्तकें: रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : सन 1532 (संवत 1589) ‘अभुक्त मूल नक्षत्र’ में हुआ था। जन्म स्थान : दो मत प्रचलित हैं– ① राजापुर (बांदा जिला, उत्तर प्रदेश) – सर्वमान्य जन्म ...
Read More »उमाशंकर जोशी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
उमाशंकर जोशी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “गुजराती साहित्य के शिखर पुरुष और अनिवार्य हिंदी के पाठ्यक्रम में शामिल सुप्रसिद्ध कवि” (पुस्तकें: विश्वशांति, निशीथ, गंगोत्री, प्राचीना, आतिथ्य) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 21 जुलाई, 1911 जन्म स्थान : साबरकांठा जिला, गुजरात के बामना गाँव में। वास्तविक नाम : रघुपति सहाय पिता : गोरख प्रसाद ...
Read More »फ़िराक गोरखपुरी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
फ़िराक गोरखपुरी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “हिंदी साहित्य और उर्दू शायरी के एक मजबूत सेतु” (पुस्तकें: गुले-नग़्मा, बज़्मे-जिंदगी, रंगे-शायरी, मशाल, ग़ज़लिस्तान) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 28 अगस्त, 1896 (वास्तविक नाम – रघुपति सहाय) जन्म स्थान : गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) पिता : गोरख प्रसाद (पेशे से वकील, स्वयं कवि) पारिवारिक पृष्ठभूमि : सुख-सुविधाओं ...
Read More »महादेवी वर्मा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ
महादेवी वर्मा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “हिंदी साहित्य की मीरा और आधुनिक युग की महान नारीवादी लेखिका” (पुस्तकें: नीहार, रश्मि, नीरजा, दीपशिखा, यामा) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 26 मार्च, 1907 (होली के दिन) जन्म स्थान : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश पारिवारिक पृष्ठभूमि : पिता – श्री गोविंद प्रसाद वर्मा (प्राध्यापक), माता – हेमरानी ...
Read More »अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) नोट्स(alankar sampraday (alnkarvad) notes)
अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) ☆ अलंकार सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य भामह माने जाते हैं। ☆ उन्होंने छठी शताब्दी में अपने प्रसिद्ध ग्रंथ “काव्यालंकार” की रचना की थी। ☆ आचार्य भामह ने ही सबसे पहले अलंकार को काव्य की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया था। 1. अलंकार शब्द का अर्थ ‘अलंकार’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है: अलं + ...
Read More »शब्द शक्ति काव्यशास्त्र(shabd shakti kavyashastra)
शब्द शक्ति (काव्यशास्त्र) परिभाषा: शब्द में अंतर्निहित अर्थ को प्रकट करने वाले व्यापार (कार्य) अथवा शब्द का निश्चयार्थक बोध कराने वाली शक्ति को शब्द शक्ति कहते हैं। ऐतिहासिक संदर्भ: शब्द शक्ति के लिए ‘शक्ति’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आचार्य विश्वनाथ ने किया। शब्द शक्ति के लिए ‘वृत्ति’ या ‘व्यापार’ शब्द का प्रयोग सर्वप्रथम आचार्य मम्मट ने किया। 1. सार्थक शब्दों ...
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