प्रश्न-पत्र

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज स्मृति’ की सप्रसंग व्याख्या

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की ‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज स्मृति’ की सप्रसंग व्याख्या सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ की अंतरा (भाग-2) में संकलित दोनों रचनाओं—‘गीत गाने दो मुझे’ और ‘सरोज स्मृति’—का संदर्भ, प्रसंग, प्रमुख काव्यांशों की सप्रसंग व्याख्या, विशेष एवं मूलभाव: 1. गीत गाने दो मुझे मूल काव्य संग्रह: अर्चना (1950) संदर्भ: प्रस्तुत कविता छायावाद और प्रगतिवाद के प्रमुख कवि सूर्यकांत ...

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 देवसेना का गीत और कार्नेलिया का गीत व्याख्या और काव्य-सौंदर्य

 देवसेना का गीत और कार्नेलिया का गीत प्रसिद्ध कविता का संदर्भ, प्रसंग, व्याख्या और काव्य-सौंदर्य 1. देवसेना का गीत स्रोत: नाटक स्कंदगुप्त (अंक 5, दृश्य 6) संदर्भ: प्रस्तुत पंक्तियाँ छायावादी कवि जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित नाटक ‘स्कंदगुप्त’ से उद्धृत हैं, जो अंतरा भाग-2 में ‘देवसेना का गीत’ शीर्षक के अंतर्गत संकलित हैं। प्रसंग: मालवा के राजा बंधुवर्मा की बहन देवसेना ...

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जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित देवसेना का गीत और कार्नेलिया का गीत का मूलभाव और उद्देश्य

जयशंकर प्रसाद द्वारा रचित देवसेना का गीत और कार्नेलिया का गीत का मूलभाव और उद्देश्य 1. देवसेना का गीत मूलभाव (Central Idea): वेदना और एकाकीपन की अभिव्यक्ति: जीवन के अंतिम पड़ाव पर अपनी विरह-वेदना, पारिवारिक त्रासदियों और संचित आशाओं के टूटने का मार्मिक चित्रण। अदम्य संघर्ष और स्वाभिमान: विषम परिस्थितियों और दुर्बल शरीर के बावजूद निराशा (प्रलय) के आगे घुटने ...

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फणीश्वरनाथ रेणु जीवन परिचय एवं काव्यगत  विशेषताएँ

फणीश्वरनाथ रेणु जीवन परिचय एवं काव्यगत  विशेषताएँ फणीश्वरनाथ रेणु आधुनिक हिंदी साहित्य की ‘आंचलिक उपन्यास’ धारा के प्रवर्तक और मूर्धन्य कथाकार हैं। उन्होंने अपनी कृतियों में ग्राम्यांचल की मिट्टी की सोंधी गंध, लोक-संस्कृति और जन-जीवन के विविध रंगों को सजीवता के साथ प्रस्तुत किया है। 1. जीवन वृत्तांत (जन्म और जन्म स्थान) जन्म : 4 मार्च 1921 जन्म स्थान : ...

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डॉ. हरिवंश राय बच्चन जीवन परिचय एवं काव्यगत  विशेषताएँ

डॉ. हरिवंश राय बच्चन जीवन परिचय एवं काव्यगत  विशेषताएँ (पुस्तक: मधुशाला) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 27 नवंबर, 1907 को हुआ था। बचपन में इन्हें प्यार से ‘बच्चन’ कहा जाता था। जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश के प्रयागराज (इलाहाबाद) के पास प्रतापगढ़ जिले के पट्टी नामक गाँव (बाबू पट्टी) में। पारिवारिक पृष्ठभूमि : इनके पिता ...

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आलोक धन्वा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

आलोक धन्वा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ (पुस्तकें: जनता का आदमी, भागी हुई लड़कियाँ, ब्रूनो की बेटियाँ, पतंग) “जन-चेतना और सामाजिक संघर्षों के बेहद संवेदनशील कवि” 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 2 जुलाई, 1948 जन्म स्थान : बिहार के मुंगेर जिले के बेगूसराय के पास (अब लखीसराय जिले के) बिहपुर गाँव में हुआ था। ...

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कुँवर नारायण जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

कुँवर नारायण जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “तीसरे सप्तक के प्रमुख कवि और नई कविता आंदोलन के सशक्त हस्ताक्षर” (पुस्तकें: आत्मजयी, चक्रव्यूह, कोई दूसरा नहीं, वाजश्रवा के बहाने) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 19 सितंबर, 1927 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश के फ़ैज़ाबाद (अब अयोध्या) में। जीवन यात्रा : कुँवर नारायण जी का जीवन ...

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रघुवीर सहाय जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

रघुवीर सहाय जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “आधुनिक समाज के राजनीतिक पाखंड, मध्यवर्गीय जीवन के संकट और आम आदमी की पीड़ा के बेबाक कवि” (पुस्तकें: दूसरा सप्तक, सीढ़ियों पर धूप में, लोग भूल गए हैं, आत्महत्या के विरुद्ध) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 9 दिसंबर, 1929 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ। ...

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शमशेर बहादुर सिंह जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

शमशेर बहादुर सिंह जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ (पुस्तकें: कुछ कविताएँ, चुका भी हूँ नहीं मैं, इतने पास अपने, बात बोलेगी) हिंदी साहित्य में “कवियों का कवि” 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 3 जनवरी, 1911 जन्म स्थान : उत्तर प्रदेश के देहरादून (अब उत्तराखंड में)। पारिवारिक पृष्ठभूमि : पिता का नाम बाबू तारीफ सिंह ...

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सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जीवन परिचय एवं काव्यगत विशेषताएँ

सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जीवन परिचय एवं काव्यगत विशेषताएँ महाप्राण 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : महाप्राण निराला का जन्म 21 फरवरी, 1899 (कुछ विद्वान इसे 1896 भी मानते हैं) को वसंत पंचमी के दिन हुआ था। जन्म स्थान : उनका जन्म महिषादल राज्य, जिला मेदिनीपुर (पश्चिम बंगाल) में हुआ था। मूल निवास : इनका परिवार मूल ...

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गोस्वामी तुलसीदास जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

गोस्वामी तुलसीदास जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “सगुण रामभक्ति शाखा के सर्वोपरि कवि और जन-मानस के पथ-प्रदर्शक” (पुस्तकें: रामचरितमानस, विनयपत्रिका, कवितावली, गीतावली, दोहावली) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : सन 1532 (संवत 1589) ‘अभुक्त मूल नक्षत्र’ में हुआ था। जन्म स्थान : दो मत प्रचलित हैं– ① राजापुर (बांदा जिला, उत्तर प्रदेश) – सर्वमान्य जन्म ...

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उमाशंकर जोशी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

उमाशंकर जोशी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “गुजराती साहित्य के शिखर पुरुष और अनिवार्य हिंदी के पाठ्यक्रम में शामिल सुप्रसिद्ध कवि” (पुस्तकें: विश्वशांति, निशीथ, गंगोत्री, प्राचीना, आतिथ्य) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 21 जुलाई, 1911 जन्म स्थान : साबरकांठा जिला, गुजरात के बामना गाँव में। वास्तविक नाम : रघुपति सहाय पिता : गोरख प्रसाद ...

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फ़िराक गोरखपुरी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

फ़िराक गोरखपुरी जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “हिंदी साहित्य और उर्दू शायरी के एक मजबूत सेतु” (पुस्तकें: गुले-नग़्मा, बज़्मे-जिंदगी, रंगे-शायरी, मशाल, ग़ज़लिस्तान) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 28 अगस्त, 1896 (वास्तविक नाम – रघुपति सहाय) जन्म स्थान : गोरखपुर (उत्तर प्रदेश) पिता : गोरख प्रसाद (पेशे से वकील, स्वयं कवि) पारिवारिक पृष्ठभूमि : सुख-सुविधाओं ...

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महादेवी वर्मा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ

महादेवी वर्मा जीवन परिचय, कृतित्व एवं काव्यगत विशेषताएँ “हिंदी साहित्य की मीरा और आधुनिक युग की महान नारीवादी लेखिका” (पुस्तकें: नीहार, रश्मि, नीरजा, दीपशिखा, यामा) 1. जीवन वृत्तांत – जन्म और जन्म स्थान जन्म : 26 मार्च, 1907 (होली के दिन) जन्म स्थान : फर्रुखाबाद, उत्तर प्रदेश पारिवारिक पृष्ठभूमि : पिता – श्री गोविंद प्रसाद वर्मा (प्राध्यापक), माता – हेमरानी ...

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अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) नोट्स(alankar sampraday (alnkarvad) notes)

अलंकार सम्प्रदाय (अलंकारवाद) ☆ अलंकार सम्प्रदाय के प्रवर्तक आचार्य भामह माने जाते हैं। ☆ उन्होंने छठी शताब्दी में अपने प्रसिद्ध ग्रंथ “काव्यालंकार” की रचना की थी। ☆ आचार्य भामह ने ही सबसे पहले अलंकार को काव्य की आत्मा के रूप में प्रतिष्ठित किया था। 1. अलंकार शब्द का अर्थ ‘अलंकार’ शब्द दो शब्दों के मेल से बना है: अलं + ...

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